प्रसाद नर्सिंग होम अग्निकांड पर पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने व्यक्त की गहरी संवेदना, मृतकों के लिए 50-50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की

कांटी विधायक व राज्य के पूर्व मंत्री व कांटी विधायक अजीत कुमार ने प्रसाद नर्सिंग होम में हुए भीषण अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक हृदय विदारक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। वहीं उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है..

प्रसाद नर्सिंग होम अग्निकांड पर पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने जताया शोक- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : राज्य के पूर्व मंत्री और कांटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजीत कुमार ने प्रसाद नर्सिंग होम में हुए दर्दनाक अग्निकांड में हताहत हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विधायक ने कहा कि इस तरह की हृदय विदारक घटना ने हम सभी को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और इस अत्यंत कठिन व दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को संबल और धैर्य प्राप्त हो।


पीड़ितों के लिए ₹50-50 लाख मुआवजे और इलाज की मांग

अग्निकांड की भयावहता को देखते हुए विधायक अजीत कुमार ने पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद को लेकर बड़ा कदम उठाने की वकालत की है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष पुरजोर मांग रखते हुए कहा कि प्रसाद नर्सिंग होम के अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों (परिजनों) को बिना किसी देरी के 50-50 लाख रुपये का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घायलों के भी समुचित और मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।


स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव कुमार रवि से मिले विधायक

इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर विधायक अजीत कुमार ने गुरुवार को पटना में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव कुमार रवि से उच्च स्तरीय मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधान सचिव को इस भीषण अग्निकांड के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। विधायक ने उनसे आग्रह किया कि इस पूरे घटनाक्रम की एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच (High-Level Inquiry) कराई जाए, ताकि हादसे की असली वजहें सामने आ सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


मानकों के विपरीत चल रहे अवैध नर्सिंग होम बंद करने की मांग

प्रधान सचिव से वार्ता के दौरान कांटी विधायक ने राज्य के भीतर धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पतालों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से पुरजोर आग्रह किया कि बिहार के अंदर फायर सेफ्टी और अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों के विपरीत चलाए जा रहे सभी निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों को तुरंत चिन्हित कर बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बेहतर चिकित्सा के नाम पर मोटी रकम वसूल कर लूटे जाने से बचाना और उनकी जान की हिफाजत करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।


प्रधान सचिव का आश्वासन: जांच रिपोर्ट आते ही होगी कड़ी कार्रवाई

विधायक अजीत कुमार की बातों को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव कुमार रवि ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने विधायक को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रसाद नर्सिंग होम अग्निकांड की जांच सरकार के सक्षम अधिकारी और विशेषज्ञ टीमें कर रही हैं। प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि जैसे ही जांच अधिकारियों द्वारा आधिकारिक जांच प्रतिवेदन (Inquiry Report) विभाग को प्राप्त होगा, वैसे ही घटना के लिए जिम्मेदार और दोषी पाए जाने वाले तत्वों व प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


नरोत्तम की रिपोर्ट