Bihar News : पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य डॉ एनपी सिंह को मिलेगा अपना पक्ष रखने का मौका, स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया उच्चस्तरीय कमिटी का गठन
Bihar News : स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने PMCH के पूर्व प्राचार्य डॉ एन पी सिंह के खिलाफ एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बैठाने का आदेश जारी कर दिया है। जन=जिनके सामने वे अपना पक्ष रखेंगे....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) के प्राचार्य डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह के आरोपों पर पलटवार किया है। विभाग के कुछ जरूरी कामों के सिलसिले में सचिवालय पहुंचे निशांत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि बीते 23 तारीख को जब वे अचानक पीएमसीएच का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां के प्राचार्य अपने ऑफिस से नदारद मिले। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने प्राचार्य के खिलाफ एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बैठाने का आदेश जारी कर दिया है।
सूचित करने के बाद भी गायब रहे प्राचार्य
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण की जानकारी अस्पताल प्रशासन को पहले से थी। उन्होंने कहा, "मैं वहां गया और वे उपस्थित नहीं थे। उन्हें पहले से खबर की गई थी कि मैं आने वाला हूँ। यहाँ तक कि 22 तारीख की शाम 7 बजे अधीक्षक ने खुद प्राचार्य से फोन पर बात की थी और उन्होंने रहने की सहमति भी दी थी।" मंत्री ने बताया कि इसके बावजूद भी प्राचार्य न तो स्वागत भाषण के समय मौजूद रहे और न ही धन्यवाद ज्ञापन के समय उपस्थित हुए। बाद में जब उन्हें फोन करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल तक रिसीव नहीं किया।
बिना नोटिस छुट्टी पर जाने का आरोप
प्राचार्य पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपनी अनुपस्थिति को लेकर विभाग या अस्पताल में किसी को कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्राचार्य ने न तो किसी को कोई नोटिस दिया और न ही यह बताया कि वे छुट्टी पर हैं या किसी वजह से अनुपलब्ध रहने वाले हैं। मंत्री ने कहा कि पहले जांच कमेटी के सामने उनका पक्ष रखा जाएगा, वे अपनी बात कहेंगे कि वे क्यों गायब थे, और उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर उन पर कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाह और भ्रष्ट कर्मियों पर आगे भी होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की नीतियों को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, "हमारे विभाग की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। कोई भी लापरवाह, कर्तव्यहीन, भ्रष्ट या बिना बताए अनुपस्थित रहने वाला अधिकारी या कर्मचारी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" उन्होंने यह भी साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्तर के पदाधिकारी को संरक्षण नहीं मिलेगा।
अस्पतालों में जारी रहेगा औचक निरीक्षण
भविष्य की योजनाओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारने के लिए उनका यह अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं आगे भी अस्पतालों का इसी तरह औचक निरीक्षण करता रहूँगा। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि राज्य के किसी भी अस्पताल में कोई अनियमितता न रहे और मरीजों के हित में सारा काम बिल्कुल ढंग और पारदर्शी तरीके से चले।"
रंजन की रिपोर्ट