गंगा का घटने लगा जलस्तर, पटना में आफत बरकरार,मरीन ड्राइव का फूड हब पानी से घिरा

Patna Flood: पटना में गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है, लेकिन बाढ़ का कहर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।...

पटना में आफत बरकरार- फोटो : social Media

Patna Flood: पटना में गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है, लेकिन बाढ़ का कहर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दियारा और निचले तटीय इलाकों में अब भी पानी जमा है। वहीं राजधानी के सबसे बड़े फूड हब पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव के किनारे दुकान लगाने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 500 से ज्यादा दुकानों तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है और कई दुकानदारों का सामान भी पानी में डूब गया है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग की शुक्रवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के मुताबिक मनेर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर नीचे आया और 52.12 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि यह अब भी खतरे के निशान 52 मीटर से 12 सेंटीमीटर ऊपर है। यानी जलस्तर में गिरावट के बावजूद खतरे की स्थिति पूरी तरह टली नहीं है।दीघा घाट पर भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। रिपोर्ट में जलस्तर 52.12 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं गांधी घाट पर पिछले तीन दिनों में करीब 30 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। इसके बावजूद यहां जलस्तर 49.28 मीटर है, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 68 सेंटीमीटर ऊपर है।तीनों प्रमुख स्थानों पर पानी घटने का रुझान राहत की खबर जरूर दे रहा है, लेकिन तटीय इलाकों में जमा पानी लोगों के लिए अभी भी परेशानी का सबब बना हुआ है।

गंगा के बढ़े जलस्तर का असर राजधानी के जेपी गंगा पथ पर साफ दिखाई दे रहा है। दीघा घाट के आसपास गंगा का पानी करीब आधा किलोमीटर तक नजदीक आ गया है। मरीन ड्राइव के किनारे सैकड़ों दुकानें पानी की चपेट में हैं।पानी बढ़ने से दुकानदारों को अपना ठेला और सामान सुरक्षित जगह ले जाना पड़ रहा है। कई दुकानदार अब ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां पानी से बचकर दुकान लगाई जा सके। जिन कारोबारियों का सामान पानी में डूब गया, उनके सामने आर्थिक नुकसान का संकट भी खड़ा हो गया है।हालांकि पटना नगर निगम की ओर से कहा गया है कि फिलहाल मरीन ड्राइव के दुकानदारों के लिए निगम की तरफ से कोई अलग निर्देश जारी नहीं किया गया है।

गंगा का जलस्तर नीचे आने के बावजूद दियारा क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। खुसरूपुर के दियारा इलाके में गंगा का पानी घाट से एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर बैकुंठ धाम मंदिर के पास तक पहुंच गया है।दानापुर के तटवर्ती इलाकों में भी पानी जमा है। हालांकि जलस्तर घटने के साथ पानी धीरे-धीरे निकल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिल रही है। बख्तियारपुर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। वहीं मोकामा में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

बाढ़ का खतरा सिर्फ गंगा तक सीमित नहीं है। सोन और पुनपुन नदी के जलस्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।सोन नदी के कोइलवर में जलस्तर 52.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 55.52 मीटर है। यहां पानी घट रहा है। पुनपुन नदी के श्रीपालपुर में जलस्तर 49.10 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 1.50 मीटर नीचे है। यहां स्थिति फिलहाल स्थिर है।हालांकि अरवल के किंजर में पुनपुन का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते दक्षिणी पटना के निचले इलाकों पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।फिलहाल गंगा के घटते जलस्तर ने पटना और आसपास के इलाकों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन दियारा और निचले क्षेत्रों में जमा पानी, मरीन ड्राइव की डूबी दुकानें और दूसरी नदियों का उतार-चढ़ाव बता रहा है कि बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जल संसाधन विभाग तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी जारी रखे हुए है।