Bihar Flood:पुनपुन के प्रहार से बिहटा-सरमेरा एसएच-78 धंसा, एक लेन किया गया बंद,पटना में बाढ़ का संकट बरकरार, मोकामा में यातायात प्रभावित

Bihar Flood: बाढ़ के दबाव में बिहटा-सरमेरा एसएच-78 अकौना पंचायत के नीमा गांव के पास करीब चार फीट चौड़ी और छह फीट अंदर तक धंस गई।

धंसी सड़कें और डूबे रास्ते- फोटो : social Media

Bihar Flood: पटना गंगा के जलस्तर में रविवार को थोड़ी गिरावट क्या आई, पुनपुन नदी ने तबाही का नया मोर्चा खोल दिया। राजधानी और आसपास के इलाकों में बाढ़ का दबाव अब भी कायम है। कहीं सड़क धंस गई तो कहीं तेज बहाव में संपर्क मार्ग कट गया। खेतों में पानी भरने से फसलों पर भी आफत आ गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

बाढ़ के दबाव में रविवार दोपहर बिहटा-सरमेरा एसएच-78 अकौना पंचायत के नीमा गांव के पास करीब चार फीट चौड़ी और छह फीट अंदर तक धंस गई। सड़क धंसने के बाद एक लेन पर आवाजाही रोकनी पड़ी। एनएचएआई की टीम ने फौरन जेसीबी लगाकर मरम्मत का काम शुरू कराया। शुरुआती जांच में सड़क के नीचे डाला गया ह्यूम पाइप फटने और लगातार पानी रिसने से मिट्टी खिसकने की आशंका जताई गई है।पुनपुन के बढ़ते पानी ने पालीगंज के रूपापुर गांव की भी मुश्किल बढ़ा दी। तेज बहाव में गांव को जोड़ने वाली सड़क कट गई, जिससे आवागमन ठप हो गया। एसडीएम चंदन कुमार के निर्देश पर राहत और बचाव की कवायद तेज की गई है।

मोकामा में एनएच-80 पर पानी चढ़ने से यातायात प्रभावित है। महेंद्रपुर के पास रात में सड़क पर पानी आने से परेशानी बढ़ गई। शिवनार, बरहपुर, महेंद्रपुर और मोर पूर्वी के कई हिस्से जलमग्न हैं। मनेर में दियारा क्षेत्र को नगर इलाके से जोड़ने वाले रामघाट पुल पर भी पानी चढ़ गया है।बिहटा में सोन नदी का पानी ठेकहा, डुमरिया, मुस्तफापुर, अमनाबाद, हलखोरियाचक और पथलौटिया तक फैल गया है। कई घरों में पानी घुस गया है और रास्ते डूब चुके हैं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है।

उधर, पुनपुन के श्रीपालपुर में जलस्तर 53.45 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.85 मीटर ऊपर है और उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से महज 46 सेंटीमीटर नीचे है। यानी पुनपुन नए रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

इसके विपरीत शनिवार को रिकॉर्ड स्तर छूने वाली गंगा में रविवार सुबह से गिरावट शुरू हुई। 11 घंटे के आंकड़ों में मनेर में जलस्तर 53.76 से घटकर 53.60 मीटर, दीघा में 51.99 से 51.91 और गांधी घाट में 50.57 से 50.51 मीटर हो गया। हालांकि मुंगेर और हाथीदह में पानी बढ़ा है। मुंगेर में 39.82 से बढ़कर 39.93 और हाथीदह में 43.49 से 43.52 मीटर जलस्तर दर्ज हुआ।

फिलहाल पटना के आसपास गंगा का दबाव कुछ कम हुआ है, लेकिन निचले इलाकों में खतरा टला नहीं है। गंगा-यमुना और सोन की पेटी में बारिश नहीं हुई तो गंगा का जलस्तर और घट सकता है। वहीं गंडक बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने पर गांधी घाट के आसपास फिर जलदबाव बढ़ने की आशंका है।