बिहार के उद्योगपति अनिल अग्रवाल के साथ गौतम अडानी ने कर दिया खेला ! अडानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वेंदाता

दिवालिया कंपनी Jaiprakash Associates की संपत्तियों की खरीद को लेकर वेदांत ग्रुप के अनिल अग्रवाल ने इसे सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती दी है.

Anil Agarwal Vedanta- फोटो : news4nation

Vedanta-Adani :  बिहार मूल के उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने जेपी ग्रुप की डील में उनके साथ धोखा होने का दावा करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पूरे लेनदेन को चुनौती दी है। दरअसल, भारत के दो बड़े उद्योगपतियों अनिल अग्रवाल और गौतम अडानी के बीच करीब 4 अरब डॉलर की बड़ी डील को लेकर विवाद तेज हो गया है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां वेदांता ग्रुप ने अडानी ग्रुप के पक्ष में हुए फैसले को चुनौती दी है। 


यह पूरा विवाद दिवालिया कंपनी Jaiprakash Associates की संपत्तियों की खरीद को लेकर है। इन संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए दोनों कंपनियों ने बोली लगाई थी, लेकिन लेनदारों की समिति ने अडानी ग्रुप की बोली को मंजूरी दे दी। वेदांता का दावा है कि उसकी पेशकश ज्यादा बेहतर थी। कंपनी के अनुसार उसने करीब 1.8 बिलियन डॉलर (लगभग 16,726 करोड़ रुपये) की बोली लगाई थी, जबकि अडानी ग्रुप की बोली करीब 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 14,535 करोड़ रुपये) थी। इसके बावजूद लेनदारों और ट्रिब्यूनल ने अडानी ग्रुप के प्रस्ताव को प्राथमिकता दी।


लेनदारों का तर्क है कि अडानी ग्रुप की बोली में अपफ्रंट पेमेंट अधिक था, यानी तुरंत मिलने वाली राशि ज्यादा होने के कारण उसे बेहतर माना गया। वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस डील पर रोक लगाने की मांग की है और कहा है कि उसकी आपत्तियों पर गंभीरता से सुनवाई की जाए। खबरों के मुताबिक मामला कोर्ट में सूचीबद्ध हो चुका है और जल्द सुनवाई संभव है।


इस डील का अहम हिस्सा Buddh International Circuit भी है, जो भारत का एकमात्र फॉर्मूला वन ट्रैक है। पिछले 13 वर्षों से यहां F1 रेस बंद है, जिसकी मुख्य वजह टैक्स और नियामकीय विवाद रहे हैं। बताया जा रहा है कि अडानी ग्रुप इस ट्रैक को दोबारा शुरू करने की योजना बना रहा है। यदि डील पूरी होती है, तो भारत में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स की वापसी हो सकती है।


फिलहाल, इस कारोबारी टकराव पर सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से इस बहुचर्चित डील का भविष्य तय होगा।