गयाजी पितृपक्ष मेले में टेक्नोलॉजी का खास इस्तेमाल, QR Wrist Band से AI का इंतजाम, गूगल देगा मदद, 30 रुपए में खाना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गयाजी में जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए आवासन, स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल और सुरक्षा से जुड़े व्यापक इंतजाम किए हैं। साथ ही पहली बार टेक्नोलॉजी का खास इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं को खास सुविधाएं मिलेंगी.
Gaya Pitru Paksha Mela 2026: पितृपक्ष मेला 2026 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर गयाजी में इस बार परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए आवासन, स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल और सुरक्षा से जुड़े व्यापक इंतजाम किए हैं।
QR Wrist Band से बिछड़ को मिलाएगा
मेले में बच्चों और बुजुर्गों को परिजनों से बिछड़ने से बचाने के लिए QR Code युक्त Wrist Band की व्यवस्था की गई है। इसमें परिजनों का मोबाइल नंबर और जरूरी विवरण दर्ज रहेगा। किसी श्रद्धालु के अपने परिवार से बिछड़ने की स्थिति में संबंधित मोबाइल नंबर पर अलर्ट मैसेज भेजने और QR Code स्कैन कर श्रद्धालु को उसके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
भाषा की बाधा भी होगी दूर
देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क पर Google Translator सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले श्रद्धालुओं को सहायता मिलेगी। श्रद्धालु अपनी भाषा में बात कर सकेंगे और हिंदी में दिए गए जवाब को अपनी भाषा में सुन सकेंगे।
भीड़ पर AI की नजर
पितृपक्ष मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए AI और कैमरा आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी स्थान पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में अधिकारियों को लोकेशन के साथ अलर्ट मिलने की व्यवस्था की गई है। गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान और तलाश में भी AI तथा कैमरों की मदद ली जाएगी। उपलब्ध व्यवस्था के तहत कैमरे में व्यक्ति की तस्वीर के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा सकेगा।
गयाजी का कायाकल्प, बच्चों ने भी संभाली जिम्मेदारी
पितृपक्ष मेले के दौरान गया शहर में 'कायाकल्प' अभियान भी चलाया जा रहा है। इसमें गयाजी के बच्चों की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। शहर की दीवारों पर बच्चे भगवान विष्णु से जुड़ी कलाकृतियां बनाकर धार्मिक और सांस्कृतिक संदेशों को रंगों के जरिए प्रदर्शित कर रहे हैं।
रोजाना 75 हजार का आवासन
पितृपक्ष मेला क्षेत्र में प्रतिदिन 75,348 लोगों के नि:शुल्क आवासन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 943 शौचालय, 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम तैयार किए गए हैं। पेयजल के लिए 280 चापाकल और 890 नल लगाए गए हैं। पेयजल की गुणवत्ता की रोजाना PHED की लैब में जांच की जा रही है।
70 स्वास्थ्य शिविर
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में कुल 70 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है। IMA की ओर से श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
ई-रिक्शा से लेकर 30 रुपये के भोजन तक व्यवस्था
श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने के लिए 150 नि:शुल्क ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। परिवहन व्यवस्था को भी मेला क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार व्यवस्थित किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए जीविका दीदियों की रसोई की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां महज 30 रुपये में उच्च गुणवत्ता वाला सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।