नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: बिहार सचिवालय के सेवानिवृत्त अधिकारियों को मिला उच्चतर वेतनमान और पेंशन का तोहफा, अधिसूचना जारी
बिहार सरकार ने सचिवालय सेवा के सैकड़ों सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के लिए उच्चतर वेतनमान और पेंशन पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे उनके वित्तीय लाभों में बड़ी वृद्धि होगी ।
Patna - बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 3 अप्रैल 2026 को सचिवालय सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है । इस निर्णय के तहत, 11 अप्रैल 2019 से 13 अक्टूबर 2023 के बीच सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को 'अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023' के प्रावधानों के अंतर्गत लाभ दिया गया है । सरकार के इस कदम से सैकड़ों पूर्व अधिकारियों को उनके सेवाकाल के दौरान के उच्च पदों का वैचारिक लाभ प्राप्त होगा ।
इन पदों पर मिलेगा उच्चतर वेतनमान का लाभ
अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों को उच्च वेतन स्तर आवंटित किए गए हैं। संयुक्त सचिव के पद के लिए वेतन स्तर-13 निर्धारित किया गया है । इसी प्रकार, उप सचिव पद के लिए वेतन स्तर-12 , अवर सचिव के लिए वेतन स्तर-11 और प्रशाखा पदाधिकारी के पद के लिए वेतन स्तर-09 के विहित वेतनमान का वैचारिक लाभ प्रदान किया गया है । यह लाभ उन अधिकारियों को मिलेगा जो इन पदों की योग्यता रखते थे लेकिन सेवानिवृत्ति तक इसका लाभ नहीं ले पाए थे ।
पेंशन पुनरीक्षण से बढ़ेगी मासिक आय
सरकार के इस फैसले का सबसे सीधा और सकारात्मक असर सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन पर पड़ेगा । अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारियों के वेतन और सेवानिवृत्ति के समय के अंतिम वेतन का निर्धारण वैचारिक रूप से फिर से किया जाएगा । इसी नए निर्धारण के आधार पर पेंशन का वैचारिक पुनरीक्षण होगा, जिससे सेवानिवृत्त कर्मियों को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि में सम्मानजनक वृद्धि सुनिश्चित होगी ।
वास्तविक आर्थिक लाभ की तारीख तय
हालांकि वेतन का निर्धारण वैचारिक (Notional) रूप से पिछले वर्षों से किया जाएगा, लेकिन इसका वास्तविक आर्थिक लाभ एक निश्चित तिथि से प्रभावी होगा । विभाग ने साफ किया है कि पेंशन पुनरीक्षण का वास्तविक आर्थिक लाभ 4 अक्टूबर 2025 से अनुमान्य होगा । इसका अर्थ है कि इस तिथि से पहले का कोई भी नकद बकाया (Arrears) वेतन के रूप में देय नहीं होगा, लेकिन पेंशन की नई दरें इसी तारीख से लागू मानी जाएंगी ।
भुगतान प्रक्रिया और विभाग की शर्तें
उच्चतर पदों के वेतनमान और पेंशन पुनरीक्षण संबंधी कार्य के लिए महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय और वित्त विभाग के वैयक्तिक दावा निर्धारण कोषांग को जिम्मेदारी सौंपी गई है । सरकार ने यह भी शर्त रखी है कि यदि किसी पदाधिकारी को पहले से ही ACP, MACP या अन्य प्रोन्नति के कारण उच्च वेतन मिल रहा है, तो उनका वर्तमान वेतन प्रक्रम यथावत रहेगा । यह सुनिश्चित करता है कि लाभ केवल उन्हीं को मिले जिन्हें अब तक वंचित रखा गया था ।
प्रशासनिक तंत्र में हर्ष का माहौल
राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना पर सरकार के अवर सचिव मनोज कुमार के हस्ताक्षर हैं । इस फैसले से बिहार सचिवालय सेवा के उन वरिष्ठ अधिकारियों में खुशी की लहर है जो लंबे समय से अपनी पदोन्नति और वेतन विसंगतियों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे थे। प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सचिवालय, उप-मुख्यमंत्री के आप्त सचिव और सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है ताकि कार्यान्वयन में देरी न हो ।