Bihar Judicial Academy: पुनपुन में बनेगा बिहार न्यायिक अकादमी का भव्य कैंपस, गयाजी में जजेस गेस्ट हाउस से मज़बूत होगा न्यायिक ढांचा

Bihar Judicial Academy: राज्य सरकार ने न्याय व्यवस्था को और सशक्त, आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

पुनपुन में बनेगा बिहार न्यायिक अकादमी का भव्य कैंपस- फोटो : X

Bihar Judicial Academy:  बिहार में इंसाफ़ सिर्फ़ फ़ैसलों तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी बुनियाद भी मज़बूत की जा रही है। राज्य सरकार ने न्याय व्यवस्था को और सशक्त, आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पटना जिले के पुनपुन प्रखंड के पोठही (धरहरा क्षेत्र) में बिहार न्यायिक अकादमी का नया और भव्य कैंपस विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले वक्त में देश की सबसे बड़ी न्यायिक अकादमियों में शुमार होगा।

करीब 38.77 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह कैंपस सिर्फ़ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि न्याय के भविष्य की पाठशाला होगा। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पोठही-धरहरा क्षेत्र में भूमि आवंटित कर दी है। यहां न्यायाधीशों के प्रशिक्षण, शोध और विधिक विमर्श के लिए अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि न्याय वितरण की प्रक्रिया और अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

इस अकादमी का इस्तेमाल सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (एनजेए) के संकाय सदस्यों, विधिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सामाजिक विशेषज्ञों के प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। नव नियुक्त न्यायाधीशों के साथ-साथ सेवारत न्यायिक अधिकारियों को भी यहां उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनकी न्यायिक समझ, निर्णय क्षमता और संवेदनशीलता में इज़ाफ़ा होगा यानी इंसाफ़ की तालीम और तहज़ीब दोनों एक साथ परवान चढ़ेंगी।

राजनीतिक हलकों में इसे “न्यायिक सुधार की रीढ़” कहा जा रहा है। सरकार का मानना है कि मज़बूत न्यायपालिका ही मज़बूत लोकतंत्र की गारंटी होती है। यही वजह है कि बिहार को न्यायिक प्रशिक्षण का एक बड़ा केंद्र बनाने की रणनीति पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

इसी कड़ी में गयाजी में एक आधुनिक जजेस गेस्ट हाउस के निर्माण का भी फैसला लिया गया है। यह गेस्ट हाउस जिले के दौरे पर आने वाले माननीय न्यायाधीशों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आरामदायक आवास सुविधा प्रदान करेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह भवन न्यायिक गरिमा और प्रशासनिक सहूलियत दोनों का संतुलन साधेगा।

कुल मिलाकर, पुनपुन का न्यायिक कैंपस और गयाजी का जजेस गेस्ट हाउस बिहार में उस सियासी इरादे का एलान है, जहां सत्ता न्याय को सिर्फ़ मंच नहीं देती, बल्कि उसे मज़बूत आधार भी मुहैया कराती है ताकि इंसाफ़ की आवाज़ और बुलंद हो सके।