ऊर्जस्वित बिहार की दिशा में ऐतिहासिक कदम: उद्योगों को निर्बाध बिजली देने के लिए BSPTCL और RECPDCL के बीच MOU पर हस्ताक्षर
Patna : बिहार को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। सूबे में आधुनिक, विश्वसनीय और भविष्य उन्मुख (फ्यूचर रेडी) बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित करने के उद्देश्य से बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) और केंद्र सरकार की आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस ऐतिहासिक मौके पर राज्य के ऊर्जा मंत्री श्री शैलेश कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2025-2030 के बीच बिहार में औद्योगिक क्रांति लाना है। चूंकि बिना निर्बाध बिजली के उद्योगों का संचालन असंभव है, इसलिए यह समझौता मील का पत्थर साबित होगा। इस नई व्यवस्था के तहत पीरपैंती पावर प्लांट के आगामी उत्पादन को भी ग्रिड से जोड़ा जा रहा है, जिससे उद्योगों को चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) के तहत होगा विकास, बढ़ेगी पारदर्शिता और कार्य दक्षता
इस साझेदारी के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव और अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) श्री अजय यादव (IAS) ने कहा कि इस समझौते से राज्य में इंट्रा-स्टेट (आंतरिक) ट्रांसमिशन परियोजनाओं का विकास 'टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली' (TBCB) मॉडल के तहत किया जाएगा। इस मॉडल से बिजली क्षेत्र में पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, जिससे न केवल परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि लागत में कमी (कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन) और कार्य दक्षता में भी भारी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि RECPDCL भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी 'आरईसी लिमिटेड' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा बिड प्रोसेस कोऑर्डिनेटर (BPC) के रूप में नामित किया गया है। इसके आने से बिहार में बड़े पैमाने पर निजी निवेश का रास्ता साफ होगा।
आरईसी लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक प्रिंस धवन ने बिहार के साथ साझीदारी को बताया ऐतिहासिक
आरईसी लिमिटेड (REC Ltd) के कार्यपालक निदेशक श्री प्रिंस धवन (IAS) ने इस मौके पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी शुरुआत बताया। उन्होंने पिछले घटनाक्रमों की चर्चा करते हुए जानकारी दी कि नवंबर 2025 में RECPDCL द्वारा नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में बिहार सरकार, BSPTCL और देश के बड़े निजी डेवलपर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर TBCB प्रक्रिया, बोली प्रबंधन और भविष्य की ट्रांसमिशन परियोजनाओं में निजी भागीदारी पर विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया था, जिसका सुखद परिणाम आज इस समझौते के रूप में सामने आया है। उन्होंने बताया कि RECPDCL के पास देशभर में अब तक 86 अंतर-राज्यीय और 12 राज्य स्तरीय बड़ी ट्रांसमिशन परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित व हस्तांतरित करने का एक विशाल अनुभव है।
प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने गिनाईं उपलब्धियां
समझौता ज्ञापन के इस गौरवशाली अवसर पर बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक राहुल कुमार (IAS) ने ऊर्जा विभाग की हालिया अभूतपूर्व उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने तकनीकी आंकड़ों के साथ आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्तमान में बिहार अपनी घरेलू और व्यावसायिक बिजली की मांग को पूरी तरह से आत्मनिर्भर होकर पूरा करने में पूरी तरह सक्षम हो चुका है। उन्होंने भविष्य के विजन को साझा करते हुए कहा कि बढ़ती औद्योगिक और जनसांख्यिकीय जरूरतों को देखते हुए विभाग ने अगले दस वर्षों के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों में 47 नए अत्याधुनिक ग्रिड उपकेंद्रों (Grid Sub-Stations) के निर्माण का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। नए ग्रिडों के अस्तित्व में आने से सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर बड़े औद्योगिक कॉरिडोर्स तक वोल्टेज की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
प्रवासी बिहारियों की घर वापसी और स्थानीय रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस
प्रेस वार्ता के अंतिम चरण में ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने सरकार की मंशा साफ करते हुए एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार का मूल उद्देश्य राज्य के भीतर ऐसा सुदृढ़ और आधुनिक विद्युत अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) ढांचा तैयार करना है, जिससे प्रभावित होकर देश-दुनिया में गए बिहार के बड़े उद्यमी और प्रवासी लोग वापस अपनी माटी पर लौटें और यहीं अपनी फैक्ट्रियां व उद्योग स्थापित करें। इससे न केवल बिहार के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार इस दिशा में बिजली से लेकर कानून-व्यवस्था तक हर स्तर पर अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि 'ऊर्जस्वित बिहार, समृद्ध बिहार' का सपना साकार हो सके।