बिक्रम बाजार में सुविधाओं का अभाव: 15 साल बाद भी न स्टैंड बना न सब्जी मंडी, सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने से रोजाना लग रहा है महाजाम

पटना के बिक्रम नगर पंचायत में 15 साल बाद भी सब्जी मंडी और टैम्पो स्टैंड नहीं बन सका है। सड़कों पर लग रहा है जाम और चालकों से हो रही है अवैध वसूली। जानिए क्या बोले कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार।

नगर पंचायत बने 15 साल बीत गए, लेकिन न तो स्थायी सब्जी मंडी बनी और न ही टैम्पो-बस स्टैंड।- फोटो : Reporter

पटना जिले के बिक्रम को नगर पंचायत का दर्जा मिले डेढ़ दशक से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यहाँ के निवासी विकास की मुख्यधारा से महरूम हैं। इस क्षेत्र में अब तक न तो एक स्थायी सब्जी मंडी बन सकी है और न ही कोई व्यवस्थित टैम्पो या बस स्टैंड। बुनियादी सुविधाओं के इस बड़े अभाव के कारण स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


प्रशासन की नाक के नीचे वाहनों से अवैध वसूली का खेल

स्टैंड की कोई मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण टैम्पो और बस चालक सड़कों पर ही वाहन खड़े कर सवारी बैठाने को मजबूर हैं। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ फर्जी एजेंटों द्वारा चालकों से सरेआम अवैध वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध उगाही के सबूत शाहिद चौक और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हो रहे हैं, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध खेल धड़ल्ले से जारी है।


संकीर्ण रास्तों और गंदगी के बीच चलने को मजबूर हैं खरीदार

नगर पंचायत बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि बिक्रम में एक आधुनिक सब्जी मंडी बनेगी, लेकिन आज भी मंडी निजी जमीन पर पुरानी व्यवस्था के तहत चल रही है। इस मंडी पर बिक्रम के 14 वार्डों के अलावा करीब 20 गांवों की आबादी निर्भर है। मंडी के रास्ते इतने संकीर्ण हैं कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। बरसात में यहाँ कीचड़ और गंदगी का अंबार लग जाता है। इसके अलावा परिसर में शेड, पेयजल, शौचालय और लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है।

सड़कों पर गाड़ियों का जमावड़ा और राजस्व को लाखों का नुकसान

टैम्पो और बस स्टैंड के लिए जमीन का चयन न होने का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। मुख्य सड़कों के किनारे यात्री वाहनों के खड़े रहने से बिक्रम बाजार में रोजाना घंटों लंबा जाम लगता है। इसके साथ ही एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही यह भी सामने आई है कि पिछले तीन वर्षों से बिक्रम बाजार की डाक (नीलामी) नहीं हो सकी है। इसके कारण नगर विकास विभाग को हर साल लाखों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


सरकारी जमीन की तलाश जारी, अवैध वसूली से अधिकारी अनजान

इस पूरे मामले पर बिक्रम के कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि सब्जी मंडी की समस्या उनके संज्ञान में है। प्रशासन सरकारी जमीन चिन्हित करने का प्रयास कर रहा है, और यदि जमीन नहीं मिली तो निजी भूमि को 99 साल की लीज पर लेकर मंडी को जल्द ही स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं, स्टैंड न होने के कारण सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी होने की बात स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि बस और टैम्पो चालकों से कौन पैसा वसूल रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है; अगर ऐसा हो रहा है तो यह पूरी तरह अवैध है।

रिपोर्ट- ऋषिकेश