बिहार के वित्तीय संकट में 'संकटमोचक' बने IAS विनय कुमार,डगमगाती अर्थव्यवस्था को दी नई दिशा

बिहार में उपजे वित्तीय संकट के बीच 1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय कुमार ने 'संकटमोचक' की भूमिका निभाते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।25 से अधिक वर्षों के प्रशासनिक अनुभव, ग्रामीण विकास में योगदान और राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त विनय कुमार

बिहार के वित्तीय संकट में 'संकटमोचक' बने IAS विनय कुमार- फोटो : Reporter

बिहार में उपजे कथित वित्तीय संकट के बीच वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनय कुमार ने एक कुशल संकटमोचक की भूमिका निभाई है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव के रूप में कार्यभार संभालते ही उन्होंने राज्य की डगमगाती आर्थिक व्यवस्था को मजबूती से थामने का काम किया है। उनकी त्वरित निर्णय क्षमता और आर्थिक प्रबंधन के कारण राज्य की वित्तीय नीतियों को एक नई दिशा मिली है, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है।


प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि

1999 बैच के बिहार कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी विनय कुमार का जन्म 3 अक्टूबर 1971 को हुआ था। उन्होंने दरभंगा स्थित एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय से भौतिकी (Physics) में स्नातक और एम.एससी. की डिग्री प्राप्त की है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में कदम रखा और पिछले 25 से अधिक वर्षों के अपने कार्यकाल में राज्य और केंद्र स्तर पर कई प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है।


राज्य से लेकर केंद्र तक अहम पदों पर सेवाएं

अपने ढाई दशक लंबे करियर में विनय कुमार ने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वे जिलाधिकारी (DM), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), मुख्यमंत्री के सचिव तथा विभिन्न विभागों में मिशन निदेशक एवं प्रबंध निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) के दौरान उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों में संयुक्त सचिव और अपर सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है।


ग्रामीण विकास और सामाजिक पहलों में अहम योगदान

विनय कुमार का योगदान केवल नीति-निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी उन्होंने व्यापक प्रभाव छोड़ा है। 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) के तहत राज्य में ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क और कनेक्टिविटी को मजबूत करने में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इसके साथ ही बिहार में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने और सामाजिक जागरूकता फैलाने के उनके प्रयासों को काफी सराहा गया है। इन उपलब्धियों के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है।


केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी और नगर विकास का जिम्मा

केंद्र सरकार से बिहार कैडर में वापसी के बाद विनय कुमार को नगर विकास विभाग का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया था। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने राज्य में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, शहरी नियोजन (Urban Planning), किफायती आवास योजनाओं और सैटेलाइट टाउनशिप के विकास से जुड़ी प्रमुख पहलों का सफल नेतृत्व किया। बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और शहरी प्रशासन में उनके व्यापक अनुभव ने राज्य के तेजी से बढ़ते शहरीकरण को एक सुव्यवस्थित आधार प्रदान किया।



वर्तमान भूमिका और बिहार के विकास की दिशा

17 अगस्त 2026 से विनय कुमार पटना में वित्त विभाग के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं। बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और शहरी प्रशासन का विस्तृत अनुभव रखने के कारण, वित्त विभाग के शीर्ष पद पर उनकी नियुक्ति को बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक कुशलता और वित्तीय सूझबूझ के बल पर वे राज्य को वित्तीय स्थिरता की ओर ले जाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

पुष्कर प्रवीण की रिपोर्ट