IDBI Bank Strike : आईडीबीआई बैंक की दो दिवसीय हड़ताल दूसरे दिन भी रहा सफल, बिहार-झारखंड में ठप रहा बैंकिंग कारोबार

IDBI Bank Strike : पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों की 48 घंटे की अखंड भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही......पढ़िए आगे

हड़ताल जारी - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : आईडीबीआई बैंक के निजीकरण और रणनीतिक विदेशीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्पलाइज (UFIOE) के आह्वान पर चल रही दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल मंगलवार (03 नवंबर 2026) को दूसरे दिन भी ऐतिहासिक रूप से सफल रही। अधिकारियों और कर्मचारियों की शत-प्रतिशत भागीदारी के चलते पटना सहित पूरे बिहार और झारखंड की तमाम शाखाओं और प्रशासनिक कार्यालयों में लगातार दूसरे दिन ताले लटके रहे, जिससे सामान्य बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा। 

48 घंटे की भूख हड़ताल   

राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अधिकारियों की 48 घंटे की अखंड भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जहाँ रातभर डटे रहे आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाने के लिए सुबह से ही समर्थकों का तांता लगा रहा।   

ट्रेड यूनियनों और वामदलों का मिला कड़ा समर्थन

गर्दनीबाग धरना स्थल पर आयोजित सभा को कई दिग्गज नेताओं ने संबोधित किया, जिनमें प्रमुख रूप से कॉमरेड अनिरुद्ध कुमार (महासचिव, AIBEA), कॉमरेड जयंत कुमार सिंह (अध्यक्ष, BPBEA), कॉमरेड पी. डी. सिंह (पूर्व महासचिव, AIBEA), कॉमरेड अमर नाथ (वरिष्ठ नेता, AITUC), कॉमरेड विश्वजीत कुमार (जिला सचिव, CPI),कॉमरेड आमोद कुमार (वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता) शामिल रहे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि संसद में 51% सरकारी हिस्सेदारी के वादों को ताक पर रखकर, 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के मुनाफे में चल रहे बैंक को फेयरफैक्स समूह जैसी विदेशी कंपनी के हाथों बेचना देशहित के खिलाफ है। ट्रेड यूनियनों ने इस संघर्ष में हरसंभव वैचारिक और जमीनी सहयोग का ऐलान किया है।   

सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में पूरे बैंकिंग जगत को साथ लेकर देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल और भूख हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन की होगी।