बिहार सरकार की नई आरक्षण SOP: खिलाड़ियों को 10% कोटा और महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण के नियम साफ
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्याधीन सेवाओं में नियुक्ति, प्रोन्नति और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के लिए आरक्षण नीति के अनुरूप मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और उससे संबंधित स्पष्टीकरण जारी किए हैं ।
Patna - आरक्षण नीति के कार्यान्वयन में स्पष्टता के लिए नई गाइडलाइन बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य की सेवाओं में नियुक्ति, प्रोन्नति और शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए वर्तमान आरक्षण नीति के अनुरूप रोस्टर गठन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) प्रकाशित की है । विभाग के अपर सचिव रजनीश कुमार द्वारा जारी इस आदेश का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के आरक्षण को लागू करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और संशयों को दूर करना है । यह नई प्रक्रिया राज्य के सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को भेज दी गई है ।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए 10 प्रतिशत पदों का प्रावधान
नए स्पष्टीकरण के अनुसार, असैनिक संवर्गों में सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध मूल कोटि के कुल बल का 10 प्रतिशत पद उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा । हालांकि, सिपाही और पुलिस अवर निरीक्षक संवर्गों के लिए यह कोटा प्रति वर्ष होने वाली रिक्तियों का एक प्रतिशत होगा, जबकि पुलिस उपाधीक्षक के लिए स्वीकृत बल का 10 प्रतिशत पद आरक्षित होगा । आदेश में स्पष्ट किया गया है कि असैनिक संवर्गों में इन पदों के लिए अलग से पद सुरक्षित नहीं रखे जाएंगे, बल्कि उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध ही रोस्टर क्लीयरेंस की जाएगी ।
वाहन चालकों की भर्ती के लिए बदले नियम
सरकार ने बिहार वाहन चालक (भर्ती एवं सेवा शर्त) नियमावली में भी संशोधन किया है। अब वाहन चालकों के कुल स्वीकृत बल का 35 प्रतिशत पद साधारण कोटि (मूल स्तर) के लिए निर्धारित किया गया है । इसी आधार पर भविष्य में रोस्टर क्लीयरेंस की कार्यवाही की जाएगी । यह बदलाव पूर्व में जारी 2007 की नियमावली के प्रावधानों को प्रतिस्थापित करते हुए लागू किया गया है ।
महिलाओं और दिव्यांगों के लिए क्षैतिज आरक्षण
आदेश में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत और दिव्यांगजनों के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण के प्रावधानों को फिर से स्पष्ट किया गया है । यह भी स्पष्ट किया गया है कि महिलाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के क्षैतिज आरक्षण को 'कैरी फॉरवर्ड' (अगले वर्ष के लिए स्थानांतरित) नहीं किया जाएगा । हालांकि, दिव्यांगजनों के मामले में यदि उपयुक्त अभ्यर्थी नहीं मिलते हैं, तो उन रिक्तियों को अगले भर्ती वर्षों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा ।
रोस्टर पंजी संधारण और दंड का प्रावधान
सरकार ने रोस्टर पंजी के संधारण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि नामों की प्रविष्टि कर्मी के योगदान के पश्चात ही की जाएगी । आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि आरक्षण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नियुक्ति प्राधिकारी को तीन महीने तक का कारावास या 1000 रुपये का जुर्माना अथवा दोनों दंड भुगतने पड़ सकते हैं । विभाग ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बैकलॉग का कोई प्रावधान नहीं होगा और रिक्तियां न भरने पर उन्हें गैर-आरक्षित श्रेणी से भरा जाएगा ।