EPF पर होली के पहले आया बड़ा फैसला, ब्याज दर पर आई खुशखबरी, करोड़ों लोगों को होगा भारी फायदा

PFO ने फरवरी 2024 में 2023-24 के लिए ब्याज दर को 2022-23 के 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया था

EPF- फोटो : news4nation

EPF : रिटायरमेंट फंड से जुड़ी संस्था Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय की है। सूत्रों के अनुसार, यह दर लगातार दूसरे वर्ष भी यथावत रखी गई है। सोमवार को हुई बैठक में EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था Central Board of Trustees (CBT) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। CBT के फैसले के बाद 2025-26 के लिए तय ब्याज दर को अंतिम स्वीकृति के लिए Ministry of Finance को भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद यह ब्याज दर EPFO के सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के खातों में क्रेडिट की जाएगी।


गौरतलब है कि EPFO ने इससे पहले फरवरी 2024 में 2024-25 के लिए भी EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को बरकरार रखा था। वहीं, 2023-24 के लिए ब्याज दर को 2022-23 के 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया था।


ब्याज दरों का इतिहास

मार्च 2022 में EPFO ने 2021-22 के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दिया था, जो चार दशकों से अधिक समय का न्यूनतम स्तर था। इससे पहले 2020-21 में भी ब्याज दर 8.10 प्रतिशत ही रही थी, जो 1977-78 के बाद सबसे कम थी, जब यह 8 प्रतिशत थी।


इसके अलावा, 2019-20 के लिए EPF पर ब्याज दर 8.5 प्रतिशत तय की गई थी, जो सात साल का निचला स्तर माना गया। 2018-19 में यह 8.65 प्रतिशत रही थी। EPFO ने 2016-17 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दिया था, जबकि 2015-16 में यह दर 8.8 प्रतिशत थी। 2013-14 और 2014-15 में EPF पर 8.75 प्रतिशत तथा 2011-12 में 8.25 प्रतिशत ब्याज दिया गया था।


सब्सक्राइबर्स को राहत

EPFO के इस फैसले से देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को राहत मिलेगी। मौजूदा आर्थिक हालात में 8.25 प्रतिशत की स्थिर ब्याज दर को रिटायरमेंट बचत के लिहाज से सुरक्षित और संतुलित माना जा रहा है।