Bihar Police: माफियाओं के पसीने छुड़ाने वाले सुपरकॉप रत्न संजय की बिहार में वापसी, गृह मंत्रालय ने किया रिलीव, शाहबुद्दीन के गढ़ में घुसकर की थी कार्रवाई

Bihar Police: बिहार के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इन दिनों हलचल तेज है। बिहार कैडर के 1998 बैच के तेजतर्रार और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रत्न संजय की उनके मूल कैडर में वापसी हो रही है।

माफियाओं के पसीने छुड़ाने वाले सुपरकॉप रत्न संजय की बिहार में वापसी- फोटो : Kuldeep Bhardwaj

Bihar Police: बिहार के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इन दिनों हलचल तेज है। बिहार कैडर के 1998 बैच के तेजतर्रार और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रत्न संजय की उनके मूल कैडर में वापसी हो रही है। हाल ही में वे सशस्त्र सीमा बल  के आईजी के रूप में लखनऊ में अपनी सेवाएं दे रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से समय से पूर्व मुक्त (रिलीव) करने के बाद, अब उनके शीघ्र ही पटना लौटने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। पटना पहुंचने के बाद वे पुलिस मुख्यालय में अपना योगदान देंगे। इस अहम फैसले को बिहार में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

कौन हैं आईपीएस रत्न संजय? एक बेखौफ सुपरकॉप

आईपीएस रत्न संजय को महकमे में यूं ही सुपरकॉप नहीं कहा जाता है। उनकी कार्यशैली और दिलेरी के किस्से आज भी पुलिस गलियारों में शिद्दत से याद किए जाते हैं। उन्हें एक ऐसे कड़क और निडर अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जो कानून के राज को स्थापित करने के लिए बड़े से बड़े बाहुबलियों और माफियाओं के सामने चट्टान बनकर खड़े हो जाते हैं। उनके पास राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों दोनों में काम करने का लंबा और शानदार अनुभव रहा है।

शाहबुद्दीन के साम्राज्य में घुसकर की थी कार्रवाई

रत्न संजय के अदम्य साहस का सबसे बड़ा उदाहरण साल 2004 का वह दौर है, जब सिवान और आसपास के पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में बाहुबली मोहम्मद शाहबुद्दीन के नाम का खौफ हुआ करता था। उस वक्त शाहबुद्दीन का सिक्का चलता था और कोई भी अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराता था। सिवान में हुए बहुचर्चित तेजाब कांड के बाद, तत्कालीन एसपी रत्न संजय ने माफिया के खौफ को दरकिनार करते हुए सीधे उसके गढ़ प्रतापपुर में धावा बोलने का ऐतिहासिक फैसला किया।

तत्कालीन डीएम सीके अनिल और एसपी रत्न संजय के नेतृत्व में पुलिस बल ने शाहबुद्दीन के घर पर छापेमारी की। इस दौरान बाहुबली के गुर्गों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, लेकिन रत्न संजय और उनकी टीम ने पीछे हटने के बजाय डटकर मुकाबला किया। इस खूंखार मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने शाहबुद्दीन के घर की तलाशी ली, तो वहां से पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के मुहर वाले हथियार और AK-47 राइफल बरामद हुईं। इसके अलावा अकूत नकदी, जेवरात और प्रतिबंधित वन्यजीवों की खालें भी जब्त की गईं। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि रत्न संजय कानून के शिकंजे से किसी को भी नहीं बख्शते।

बिहार की कानून व्यवस्था के लिए नया अध्याय

अब जबकि सुपरकॉप रत्न संजय की बिहार पुलिस में वापसी हो रही है, तो आम जनमानस और पुलिस महकमे को इनसे बड़ी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय जल्द ही उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपेगा। उनकी मौजूदगी से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और राज्य में सुशासन एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को एक नई मजबूती मिलेगी।

कुलदीप भारद्वाज की स्पेशल रिपोर्ट