लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ी, IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप तय करने की तिथि तय, इस दिन आएगा फैसला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IRCTC होटल घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

IRCTC money laundering case - फोटो : news4nation

Lalu Yadav :  IRCTC होटल आवंटन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों को फिलहाल राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाने के बजाय मामले की सुनवाई को 16 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। इस मामले में अदालत पहले ही दोनों पक्षों की दलीलें सुन चुकी है और आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब सभी की नजरें 16 जुलाई को आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।


ED की चार्जशीट पर होनी है सुनवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IRCTC होटल घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अदालत को यह तय करना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार हैं या नहीं। यदि अदालत आरोप तय करती है तो मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


हाईकोर्ट पहुंचा है मामला

जानकारी के अनुसार, लालू परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में याचिका का विरोध करते हुए दावा किया है कि जांच एजेंसी के पास आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। CBI का कहना है कि जांच के दौरान मिले सबूत मामले को मजबूत करते हैं और आरोप तय किए जाने के लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध कराते हैं।


क्या है IRCTC होटल घोटाला?

यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के अधीन आने वाले रांची और पुरी के बीएनआर होटलों के संचालन का ठेका देने में अनियमितताएं की गईं।


जांच एजेंसियों का आरोप है कि होटल संचालन के बदले कथित तौर पर लाभ पहुंचाने की एवज में पटना में मूल्यवान जमीन हासिल की गई। आरोप है कि बाद में यह जमीन लालू परिवार से जुड़ी कंपनी के नाम हस्तांतरित कर दी गई। इसी कथित लेन-देन को लेकर CBI और ED अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।