बिहार में खनिज परिवहन के लिए ISTP पोर्टल लॉन्च, 10 जून से बिना डिजिटल पास नहीं मिलेगी एंट्री

खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने 'इंटर स्टेट ट्रांजिट पास' (ISTP) पोर्टल का औपचारिक अनावरण कर दिया है। अब बिहार सीमा में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर और गिट्टी लदे वाहनों को पोर्टल पर प्री-रजिस्ट्रेशन कराकर डिजिटल ट्रांजिट पास लेना होगा...

सांकेतिक तस्वीर- फोटो : वंदना शर्मा

Patna : बिहार में खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने 'इंटर स्टेट ट्रांजिट पास' (ISTP) पोर्टल का औपचारिक अनावरण कर दिया है। यह नई डिजिटल व्यवस्था 10 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी, जिसके तहत अन्य राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले लघु खनिजों का डिजिटल अनुश्रवण (Digital Monitoring) सुनिश्चित किया जाएगा।


इन खनिजों पर लागू होगी व्यवस्था, वाहनों को कराना होगा पंजीकरण

बिहार खनिज नियमावली, 2019 के नियम 41 के तहत लागू की जा रही इस व्यवस्था के अंतर्गत पड़ोसी राज्यों से बालू, पत्थर, स्टोन चिप्स, मोरम और स्टोन डस्ट जैसे लघु खनिज लेकर आने वाले सभी वाहनों को बिहार की सीमा में प्रवेश करने से पहले ISTP पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना और ट्रांजिट पास प्राप्त करना अनिवार्य होगा। हालांकि, यह नियम कोयला जैसे वृहद खनिजों और फ्लाई ऐश (Fly ash) लदे वाहनों पर लागू नहीं होगा। वर्तमान में यह सड़क मार्ग के लिए है, जिसे जल्द ही रेलवे रैक परिवहन पर भी लागू किया जाएगा।


विभाग द्वारा निर्धारित की गई शुल्क दरें

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विभाग ने इसके लिए विनियामक शुल्क भी तय कर दिया है। जिन परिवहन चालानों में खनिज की मात्रा वजन (Weight) में दर्ज होगी, उनसे ₹60 प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क लिया जाएगा। वहीं, जिन चालानों में खनिज की मात्रा आयतन (Volume) में अंकित होगी, उनके लिए ₹85 प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क के भुगतान के बाद ही वाहनों को राज्य में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।


अवैध परिवहन और एक ही चालान के खेल पर लगेगी रोक

पोर्टल के शुभारंभ पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण लघु खनिजों की मांग तेजी से बढ़ी है। नई व्यवस्था के तहत सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से सीमा पर वाहनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग होगी। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक ही चालान के आधार पर बार-बार खनिज ढोने जैसी पुरानी अनियमितताओं और अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी, जिससे राज्य सरकार के राजस्व में भी भारी वृद्धि होगी।


सफल तकनीकी ट्रायल के बाद औपचारिक लॉन्चिंग

विभाग द्वारा इस ISTP पोर्टल को औपचारिक रूप से लॉन्च करने से पहले पिछले कुछ दिनों से ट्रायल (परीक्षण) के तौर पर चलाया जा रहा था। इस दौरान वाहन संचालकों और हितधारकों से मिले तकनीकी सुझावों व समस्याओं के आधार पर पोर्टल में आवश्यक सुधार किए गए। सफल परीक्षण के बाद अब इसे पूरी तरह लाइव कर दिया गया है। यह तकनीक आधारित पहल राज्य के खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, नीतिगत फैसलों और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगी।

वंदना की रिपोर्ट