'जीविका' बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, बिहार में 'लखपति दीदी' के संकल्प को मिली गति: मंगल पांडेय

पूर्व मंत्री मंगल पांडेय (फाइल फोटो)- फोटो : सोशल मीडिया

Patna : बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण स्वावलंबन के क्षेत्र में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक आत्मनिर्भरता लाने के उद्देश्य से शुरू की गई "जीविका परियोजना" आज महज एक सरकारी योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह अब एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आर्थिक आंदोलन का रूप ले चुकी है।


परिवारों की आर्थिक रीढ़ बनीं ग्रामीण महिलाएं

मंगल पांडेय ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि आज बिहार की लाखों ग्रामीण महिलाएं खेती, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और विभिन्न लघु उद्योगों के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं। जीविका दीदियां न सिर्फ अपने परिवारों की मजबूत आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की अग्रिम भूमिका में भी खड़ी हैं। जीविका दीदियों का यह बढ़ता आत्मविश्वास नए और विकसित बिहार की बदलती हुई खूबसूरत तस्वीर को पेश करता है।


'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' से मिला संबल

उन्होंने इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार की नीतियों और शीर्ष नेतृत्व की दूरदर्शिता को दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए "लखपति दीदी" और "ड्रोन दीदी" जैसी दूरगामी योजनाओं का जो संकल्प लिया था, बिहार आज उसे जमीनी स्तर पर पूरी तत्परता के साथ चरितार्थ कर रहा है।


नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच की सराहना

अपने वक्तव्य में भाजपा नेता ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच ने ही बिहार में "जीविका" की मजबूत नींव रखी थी। महिलाओं को सशक्त करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का जो सपना उन्होंने वर्षों पहले देखा था, आज वह एक विशाल वटवृक्ष बनकर करोड़ों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल और सहारा दे रहा है।


सम्राट चौधरी के नेतृत्व में योजनाओं को मिली नई गति

वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के ऊर्जावान नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए मंगल पांडेय ने कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण राज्य में इन कल्याणकारी योजनाओं को एक नई गति और विस्तार मिला है। युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ऋण प्रक्रियाओं को सरल बनाने से लेकर उन्हें बाजार उपलब्ध कराने तक, बिहार सरकार हर स्तर पर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।


प्रिय दर्शन की रिपोर्ट

.