Patna High Court CJ: जस्टिस मीनाक्षी एम राय होंगी पटना हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस! 4 जून के बाद बदलेगा पटना हाईकोर्ट का नेतृत्व! केंद्र सरकार की अधिसूचना का इंतजार

Patna High Court CJ: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिफारिश करते हुए जस्टिस मीनाक्षी एम राय को पटना हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।

जस्टिस मीनाक्षी एम राय होंगी पटना हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस! - फोटो : reporter

Patna High Court CJ: देश की न्याय व्यवस्था में एक अहम और ऐतिहासिक बदलाव की खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिफारिश करते हुए जस्टिस मीनाक्षी एम राय को पटना हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। अब अंतिम मुहर केंद्रीय कानून मंत्रालय की अधिसूचना पर लगनी बाकी है, जिसके बाद यह नियुक्ति औपचारिक रूप से लागू हो जाएगी।

वर्तमान चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू 4 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद पटना हाईकोर्ट की कमान जस्टिस मीनाक्षी एम राय के हाथों में जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। न्यायिक हलकों में इस फैसले को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली और दिशा दोनों पर असर पड़ सकता है।

जस्टिस मीनाक्षी एम राय वर्तमान में सिक्किम हाईकोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं और अपने सख्त, संतुलित एवं निष्पक्ष निर्णयों के लिए जानी जाती हैं। 

बता दें  पटना हाईकोर्ट के इतिहास में महिला चीफ जस्टिस के रूप में पहले भी एक महत्वपूर्ण नाम दर्ज है। जस्टिस रेखा एम दोषित ने 10 जुलाई 2010 को पटना हाईकोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस के रूप में पदभार ग्रहण कर इतिहास रचा था। उनके कार्यकाल को न्यायिक सख्ती और प्रशासनिक संतुलन के लिए आज भी याद किया जाता है।

अब एक बार फिर से महिला नेतृत्व की वापसी की संभावना ने न्यायपालिका में नई चर्चा छेड़ दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में निरंतरता और सुधार की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

हालांकि अंतिम निर्णय केंद्रीय कानून मंत्रालय की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल पूरे न्यायिक तंत्र की नजरें इस नियुक्ति पर टिकी हुई हैं। पटना हाईकोर्ट में होने वाला यह संभावित बदलाव आने वाले समय में कई अहम मामलों की दिशा और गति को भी प्रभावित कर सकता है।