Bihar Crime: पटना के कोचिंग की गलियां बनीं किशोरों के अपराध का गढ़! बिहार में बेलगाम नाबालिग अपराध! हर दिन 13 केस, हत्या के प्रयास में सबसे आगे किशोर, रिपोर्ट जान कर चौक जाएंगे आप

Bihar Crime: राजधानी पटना समेत कई जिलों में किशोर के गैंग मोबाइल छिनतई, बाइक चोरी, साइबर ठगी, नशे के कारोबार और आपसी गैंगवार जैसी संगीन घटनाओं में लगातार संलिप्त पाए जा रहे हैं।...

पटना के कोचिंग की गलियां बनीं किशोरों के अपराध का गढ़! - फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार में किशोर अपराध अब महज छिटपुट वारदातों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में नाबालिगों के गैंग मोबाइल छिनतई, बाइक चोरी, साइबर ठगी, नशे के कारोबार और आपसी गैंगवार जैसी संगीन घटनाओं में लगातार संलिप्त पाए जा रहे हैं। हालात यह हैं कि कोचिंग, हॉस्टल और लॉज वाले इलाकों में कम उम्र के लड़कों की आपराधिक गतिविधियों ने पुलिस की पेशानी पर बल डाल दिया है।

आंकड़े बताते हैं कि बीते चार वर्षों में बिहार में जुवेनाइल क्राइम में 131 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। वर्ष 2021 में जहां 2,180 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 5,037 तक पहुंच गई। 2025 में यह आंकड़ा 5,400 के पार निकल चुका है। यानी हर रोज औसतन 13 से अधिक नाबालिग किसी न किसी जुर्म के मामले में कानून के शिकंजे में आ रहे हैं।

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि हत्या के प्रयास जैसे संगीन जुर्म में भी बिहार देश में शीर्ष पर पहुंच गया है। एनसीआरबी 2024 के मुताबिक देशभर में किशोरों द्वारा हत्या के प्रयास के 2,004 मामले दर्ज हुए, जिनमें 673 मामले अकेले बिहार से थे। यह बताता है कि अपराध की दुनिया में नाबालिगों की दखल कितनी तेजी से बढ़ रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर सबसे ज्यादा अपराध में शामिल हैं। सोशल मीडिया पर गैंग कल्चर, जल्द दौलत कमाने की चाहत और दिखावे की जिंदगी की होड़ उन्हें जुर्म की राह पर धकेल रही है। चोरी और मोबाइल स्नैचिंग में 38 प्रतिशत, गैंग विवाद व मारपीट में 19 प्रतिशत, नशे के कारोबार में 17 प्रतिशत और साइबर फ्रॉड में 14 प्रतिशत किशोरों की संलिप्तता दर्ज हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस बढ़ते 'नाबालिग अपराध सिंडिकेट' पर वक्त रहते लगाम नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में यह सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।