Mini Gun Factory: घर बना था हथियार बनाने का अड्डा! मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा

Mini Gun Factory: कटिहार के पोठिया में पुलिस ने घर के अंदर चल रही कथित मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए और पिस्टल, कारतूस व हथियार बनाने के औजार बरामद किए गए।

Mini Gun Factory: कटिहार जिले में पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली एक कथित मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। पोठिया थाना क्षेत्र के सतबेहरी चांदपुर गांव में एक झोपड़ीनुमा घर के अंदर हथियार बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर फैक्ट्री संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से तैयार और अधबने पिस्टल, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं।


पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को SOG-02 टीम को इस अवैध हथियार निर्माण की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक राजीव कुमार लाल के निर्देशन में SOG-02, अभियान दल-06 और पोठिया थाना की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।


घर के अंदर चल रहा था हथियार बनाने का काम


पुलिस को सूचना मिली थी कि सतबेहरी चांदपुर गांव में मोहम्मद रफीक नाम का व्यक्ति अपने घर में छिपकर अवैध तरीके से हथियार तैयार कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मोहम्मद रफीक आलम के घर के अंदर हथियार बनाने की गतिविधि मिलने की बात पुलिस ने कही है। मौके से रफीक के अलावा दो अन्य लोगों को भी पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों हथियार बनाने में कारीगर के तौर पर काम कर रहे थे।


पिस्टल, कारतूस और बड़ी संख्या में औजार मिले


छापेमारी में पुलिस ने हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए। इनमें दो बेस मशीन, एक ड्रिल मशीन, लोहे की पट्टी, 14 रेती, 20 आरी पत्ती, एक पिलास, आठ स्प्रिंग तार, तीन साइकिल फोर फ्रेम और 20 ड्रिल रॉड शामिल हैं। इसके अलावा दो मैगजीन सैंपल और चार सुआ भी बरामद किए गए। पुलिस ने एक USA मार्क पिस्टल मैगजीन के साथ, एक अधनिर्मित पिस्टल और अधनिर्मित पिस्टल की दो मैगजीन भी जब्त की हैं। मौके से छह जिंदा गोलियां और तीन मोबाइल फोन मिलने की बात भी सामने आई है।


इन तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी


पुलिस ने इस मामले में सतबेहरी चांदपुर निवासी मोहम्मद रफीक आलम को गिरफ्तार किया है। उसके साथ मुंगेर जिले के मिर्जापुर बरधा इलाके के रहने वाले मोहम्मद फिरोज और मोहम्मद वजीर को भी पकड़ा गया है। पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार बनाने का यह काम कब से चल रहा था, तैयार हथियार कहां सप्लाई किए जाते थे और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।


पोठिया थाने में दर्ज हुआ मामला


पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पोठिया थाना कांड संख्या 233/26 दर्ज किया गया है। मामला 10 सितंबर 2026 को दर्ज हुआ और इसमें BNS की धारा 111 और 61(2) के साथ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ के आधार पर ई-डोजियर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है।


हथियारों की सप्लाई को लेकर जांच जारी


मिनी गन फैक्ट्री का पता चलने के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि यहां तैयार किए जा रहे हथियारों की सप्लाई किन लोगों तक होती थी और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक इतिहास के साथ-साथ हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।

अनिल की रिपोर्ट