Khan Sir: सरेंडर पर सस्पेंस, पटना सिविल कोर्ट पहुंचे खान सर! जमानत याचिका दायर, फायरिंग कांड में कानूनी शिकंजा कसा, चप्पे चप्पे पर पुलिस मौजूद
Khan Sir: पटना के चर्चित कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर फायरिंग मामले में कानूनी दबाव बढ़ने के बीच आज यानी शनिवार को पटना सिविल कोर्ट पहुंच गए। ...
Khan Sir: पटना के कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर फायरिंग मामले में कानूनी दबाव बढ़ने के बीच आज यानी शनिवार को कथित तौर पर पटना सिविल कोर्ट पहुंच गए। बताया जा रहा है कि वे अपने अधिवक्ता के साथ अदालत पहुंचे हैं। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की संभावनाएं तेज हो गई थीं, जिसके बाद उनके कोर्ट पहुंचने को बेहद अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। खान सर के सरेंडर पर सस्पेंस बरकरार है।
गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर सरेंडर से पहले खान सर ने पटना सिविल कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर किया गया है। उनके वकील ने कहा कि खान सर का नाम डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के आधार पर केस में जोड़ा गया है। उन्हें फंसाया गया है।
दरअसल, खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में पटना पुलिस ने खान सर को नामजद आरोपी बनाया है। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोचिंग संस्थान के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पूरा विवाद बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद शुरू हुआ बताया जा रहा है। आरोप है कि खान सर के संस्थान और प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ज्ञान बिंदु एकेडमी के बीच तनाव बढ़ता गया और मामला हिंसक टकराव तक पहुंच गया। 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर तोड़फोड़, पथराव और मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।घटना ने नया मोड़ तब लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान सर के दो सुरक्षा कर्मी हवा में फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिसके आधार पर खान सर को भी मामले में आरोपी बनाया गया।
हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अदालत में आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। कानूनी सिद्धांतों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत में आरोप साबित न हो जाएं।इस बीच पटना पुलिस ने छात्रों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह या बहकावे में नहीं आने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
अब सभी की निगाहें पटना सिविल कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत से खान सर को कोई राहत मिलती है या फिर फायरिंग कांड में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ता है।