Bihar Land Registry at Home : घर बैठे होगी जमीन की रजिस्ट्री,80 पार बुज़ुर्गों के लिए सरकार का बड़ा एलान, डोरस्टेप सर्विस से आसान होगी प्रॉपर्टी रजिस्ट्री
Bihar Land Registry at Home : अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को जमीन समेत किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
Bihar Land Registry at Home : राज्य की सियासत में जनकल्याण के एजेंडे को और मजबूत करते हुए हुकूमत ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो बुज़ुर्गों के लिए राहत का पैग़ाम बनकर सामने आया है। अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को जमीन समेत किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सरकार ने कैबिनेट की अहम बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया कि बुज़ुर्गों को घर बैठे निबंधन सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की जानिब से “मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट” का गठन किया जाएगा। ये खास वैन सीधे बुज़ुर्गों के दरवाज़े पर पहुंचेगी, जहां उनका बॉयोमैट्रिक सत्यापन किया जाएगा और तमाम दस्तावेज़ वहीं जमा कर पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया मुकम्मल की जाएगी। इस डिजिटल और पेपरलेस इंतज़ाम से पारदर्शिता भी बढ़ेगी और आम लोगों को सहूलियत भी मिलेगी।सरकार के इस फैसले को सामाजिक न्याय और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, रजिस्ट्री से पहले शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा, जिससे पूरी प्रक्रिया तकनीकी रूप से सुदृढ़ और व्यवस्थित बनी रहे।
वहीं कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस दीदी की तैनाती का भी ऐलान हुआ है। महिलाओं और छात्राओं की हिफाज़त के लिए 1500 स्कूटी खरीदी जाएंगी, जबकि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 3200 मोटरसाइकिल की मंजूरी दी गई है।
इसी के साथ राजधानी में डॉयल-112 और पुलिस डाटा सेंटर के लिए 172 करोड़ की लागत से सात मंजिला अत्याधुनिक भवन बनेगा। आग से सुरक्षा के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के बिहार कैंपस को भी हरी झंडी मिल चुकी है।
सरकार ने धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास, आपदा सहायता योजना की बहाली और “सहयोग” हेल्पलाइन जैसे फैसलों के जरिए यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब जनता के दरवाज़े तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहा है।