Bihar News: पटना में भू-माफियाओं का तांडव ! सरकारी जमीन के साथ कर दिया खेला, अब डीएम ने दिया सख्त कार्रवाई के आदेश

Bihar News: जनता दरबार में जमीन की लिखा-पढ़ी में हो रही गंभीर धांधली का मामला उजागर हुआ। उन्होंने डीएम के समक्ष बताया कि स्थानीय भू-माफिया ने सरकारी जमीन और नल की जगह तक को मिट्टी से भरकर बेच दिया है।

पटना डीएम का आदेश - फोटो : social media

Bihar News: भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए नीतीश सरकार की तमाम कोशिशें नाकाम होती दिख रही है। भू-माफिया अब भी सरकार को चकमा देकर घोटाले कर रहे हैं। ताजा मामला पटना का है। जहां, खाजेकला की नवाब बहादुर रोड, नई सड़क निवासी पप्पू चौधरी ने जिला जनता दरबार में जमीन की लिखा-पढ़ी में हो रही गंभीर धांधली का मामला उजागर किया। उन्होंने डीएम के समक्ष बताया कि स्थानीय भू-माफिया ने सरकारी जमीन और नल की जगह तक को मिट्टी से भरकर बेच दिया है।

पटना डीएम का आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने तत्काल पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी को जांच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। गुरुवार को समाहरणालय में आयोजित जिला जनता दरबार में डीएम ने करीब 70 नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को शीघ्र और विधिसम्मत कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।

भू-माफियाओं का तांडव 

जनता दरबार में आए अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े थे। डीएम ने सरकारी समेत सभी प्रकार के भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया। फरियादियों ने बताया कि भू-माफिया फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी और निजी जमीन को अपनी बताकर भोले-भाले लोगों को बेच रहे हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

होगी सख्त कार्रवाई 

अधिकारियों के अनुसार, जांच में राजस्वकर्मी, अंचल अमीन, अंचल अधिकारी, नगर निगम के राजस्व निरीक्षक, जूनियर इंजीनियर, वार्ड स्तर के कर्मी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, कार्यालय लिपिक, निबंधन कार्यालय के डीड राइटर और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। मामला सही पाए जाने पर भू-माफिया, दलाल और सहयोगी कर्मियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी संपत्ति हड़पने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन जमाबंदी अपडेट में देरी, पुराने डेटा और नए नक्शे में विसंगति तथा एक जमीन पर दो-दो जमाबंदी जैसे कारणों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

नहीं थम रहे जमीन विवाद के मामले 

जनता दरबार में अन्य मामलों में बिहटा के गोखुलपुर कोर्हर निवासी संतोष कुमार ने खाता और सर्वे प्लॉट की एराजी में छेड़छाड़ की शिकायत की, जिस पर डीएम ने दानापुर भूमि सुधार उप समाहर्ता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं फतुहा के नसीरपुर बलवा निवासी सरविंद सिंह ने पैतृक भूमि की बिक्री पर रोक लगाने की शिकायत की, जिस पर अंचल अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा बिहटा के नेउरा पांडेपुर निवासी राम प्रवेश शर्मा ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराने की शिकायत की। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने संबंधित अंचल अधिकारी को त्वरित कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।