Bihar Politics : सुबह 8 बजे सात सर्कुलर रोड का गर्म हुआ सियासी पारा, RCP के जदयू में इंट्री पर आपस में भिड़े नेता और कार्यकर्त्ता, साहेब ने लगाई जमकर फटकार
Bihar Politics : पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की एक ही सियासी हसरत है कि वो जेडीयू में वापस आ जाए । इसी हसरत के साथ शनिवार सुबह सीएम नीतीश कुमार से आरसीपी सिंह मिलते हैं। इस मुलाकात के दौरान क्या-क्या हुआ.....पढ़िए आगे
PATNA : पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की इन दिनों एक ही सियासी हसरत है कि वे किसी तरह जनता दल यूनाइटेड में वापस लौट आएं। इसी सिलसिले में शनिवार की सुबह एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब आरसीपी सिंह अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक दुआ-सलाम तक सीमित थी या फिर घर वापसी की बात थोड़ी आगे बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान माहौल सामान्य नहीं रहा और नीतीश कुमार के सामने ही नेताओं के बीच बहसा-बहसी और डांट-फटकार तक की नौबत आ गई।
सुबह 8 बजे पहुंचे 7 सर्कुलर रोड
जानकारी के मुताबिक, आरसीपी सिंह सुबह ठीक 8 बजे मुख्यमंत्री के आवास 7 सर्कुलर रोड पहुंचे। सूत्रों की मानें तो आरसीपी सिंह को देखते ही नीतीश कुमार ने चौंकते हुए कहा, "आपसे तो फोन पर बात करना ही था, लीजिए आप आ ही गए। सब ठीक है ना जी? बैठिएगा, बात करके जाइएगा।" इतना कहने के बाद मुख्यमंत्री आगे वाले हॉल की तरफ बढ़ गए, जहां सुबह से ही राज्य के कोने-कोने से आए कई पार्टी कार्यकर्ता और नेता उनके इंतजार में बैठे थे।
नीतीश के सामने ही भिड़ गए कार्यकर्ता और नेता
इसी दौरान हॉल में एक दिलचस्प और गरमा-गरम नजारा देखने को मिला। खासकर पुनपुन से आए जेडीयू कार्यकर्ताओं ने जैसे ही नीतीश कुमार को देखा, वे कहने लगे— "सर, पट्टा पहना ही दीजिए।" इस पर मुख्यमंत्री के पास खड़े एक वरिष्ठ नेता ने टोकते हुए कहा कि यह सब कमेटी तय करेगी। नेताजी की यह बात सुनते ही पुनपुन से आए कार्यकर्ता भड़क गए और तीखी बहस शुरू हो गई कि आखिर कमेटी क्यों तय करेगी। विवाद को बढ़ता देख खुद नीतीश कुमार को बीच-बचाव करना पड़ा और उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने ही उस बड़े नेता को चुप करा दिया।
ललन सिंह और संजय झा ने लगा रखा है 'नो एंट्री' का बोर्ड
हालांकि, इस पूरी कवायद के बीच सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि क्या आरसीपी सिंह की जेडीयू में दोबारा एंट्री हो पाएगी? राजनीतिक विश्लेषकों और सूत्रों की मानें तो यह रास्ता बेहद पथरीला है, क्योंकि जेडीयू के दो सबसे कद्दावर नेताओं— ललन सिंह और संजय झा ने पार्टी में आरसीपी सिंह के नाम पर 'नो एंट्री' का अघोषित बोर्ड लगा रखा है। ऐसे में आरसीपी सिंह के लिए मुश्किलें कम नहीं हैं। उन्हें अगर जेडीयू की नाव पर फिर से सवार होना है, तो नीतीश कुमार के साथ-साथ इन दोनों दिग्गजों को भी मनाना पड़ेगा।
दोबारा मुलाकात की चर्चा, टिकी सबकी नजरें
फिलहाल शनिवार की इस मुलाकात के बाद कयासों का दौर जारी है। अंदरखाने से मिल रही खबरों के अनुसार, आरसीपी सिंह एक बार फिर बाद में नीतीश कुमार से विस्तार से बातचीत करने के लिए आने वाले हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आरसीपी सिंह अपनी राजनीतिक हसरत को पूरा करने के लिए जेडीयू के इन नाराज कप्तानों को कैसे साधते हैं और क्या नीतीश कुमार अपने पुराने सिपहसालार के लिए पार्टी के दरवाजे दोबारा खोलते हैं।
देबांशु प्रभात की रिपोर्ट