महाराजा सुहेलदेव पासी सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत: मंगल पांडेय

पटना के विद्यापति भवन में बुधवार को वीर योद्धा महाराजा सुहेलदेव पासी के 'विजय दिवस' पर बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने महाराजा सुहेलदेव को सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और आत्मनिर्भर भारत का महान प्रेरणास्रोत बताया...

Patna : बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कहा है कि वीर योद्धा महाराजा सुहेलदेव पासी केवल एक शासक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि की रक्षा के अद्वितीय प्रतीक थे। बुधवार को पटना के विद्यापति भवन में महाराजा सुहेलदेव पासी के 'विजय दिवस' के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं। उन्होंने रेखांकित किया कि लगभग 900 वर्ष पूर्व महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रमणकारियों को धूल चटाते हुए देश की अस्मिता की रक्षा की थी और समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का महान संदेश दिया था।


देश को कमजोर करने की साजिशों के बीच सुहेलदेव का आदर्श प्रासंगिक

पूर्व मंत्री मंगल पांडेय ने वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्यों का हवाला देते हुए देशवासियों को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जब भारत आर्थिक, सामरिक और वैश्विक मोर्चे पर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तब कुछ ताकतें देश को अंदरूनी और बाहरी रूप से कमजोर करने के कुत्सित प्रयासों में जुटी हैं। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महाराजा सुहेलदेव का गौरवशाली जीवन हमें राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण, देशप्रेम और सर्वोच्च त्याग करने की महती प्रेरणा देता है।


पीएम मोदी का 'सबका साथ-सबका विकास' सुहेलदेव के विचारों की आधुनिक अभिव्यक्ति

समारोह में बोलते हुए भाजपा नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों को महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहा "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" का मूल मंत्र वास्तव में उसी सामाजिक समरसता की आधुनिक अभिव्यक्ति है, जिसकी नींव सदियों पहले महाराजा सुहेलदेव ने रखी थी। सरकार पासी समाज सहित सभी वंचित व शोषित समुदायों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ निरंतर काम कर रही है।


इतिहास और महापुरुषों को भूलने वाले समाजों का भविष्य धुंधला: पूर्व मंत्री

मंगल पांडेय ने युवाओं को अपने समृद्ध इतिहास के प्रति जागरूक होने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने गौरवशाली इतिहास और पूर्वज महापुरुषों के बलिदान को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी अंधकारमय और कमजोर हो जाता है। उन्होंने आज के युवा वर्ग से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को पहचानें, महापुरुषों के दिखाए मार्ग को अपने जीवन में अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक निर्माण में अपनी सक्रिय तथा रचनात्मक भूमिका सुनिश्चित करें।


विद्यापति भवन में अखिल भारतीय पासी महासभा का महाजुटान, कई दिग्गज रहे मौजूद

इस गरिमामयी विजय दिवस समारोह में सूबे के कई राजनीतिक दिग्गजों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की। कार्यक्रम को माननीय विधायक मनीष कुमार और अखिल भारतीय पासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय महतो ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ललन पासवान, प्रो. सुरेंद्र कुमार चौधरी, रामदेव महतो, विकास चौधरी, मनोज चौधरी, नरेश चौधरी, संजू चंद्रा, राजाराम चौधरी, दिनेश महतो, शंभू चौधरी, डॉ. संजय महतो और विश्वनाथ चौधरी सहित बिहार के विभिन्न जिलों से आए पासी समाज के हज़ारों प्रतिनिधि उपस्थित रहे।