फुलवारी शरीफ थाना कांड मामले में बड़ी कार्रवाई: एनडीपीएस मामले में पैसे लेकर दो संदिग्धों को छोड़ने वाले 8 पुलिसकर्मी पर कसा शिकंजा, निलंबन की प्रक्रिया शुरू

राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में NDPS एक्ट से जुड़े एक मामले में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। बिना वरीय अधिकारियों को सूचना दिए एनडीपीएस के दो अन्य संदिग्धों को पैसा लेकर थाने से छोड़ दिया गया...

फुलवारी शरीफ थाना कांड मामले में बड़ी कार्रवाई- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट से जुड़े एक मामले में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस बात की जानकारी देते हुए सिटी एसपी (मध्य) चन्द्र प्रकाश ने बताया कि बीते 26 अक्टूबर 2026 को फुलवारी शरीफ थाना अंतर्गत एक एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें अभियुक्त आकिब खान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसी मामले की आड़ में थाने के भीतर पैसों के लेनदेन और संदिग्धों को चुपचाप छोड़ दिए जाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। 


बिना वरीय अधिकारियों को सूचना दिए दो अन्य संदिग्धों को थाने लाकर छोड़ा गया

जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कुछ समय बाद यह सूचना मिली कि इसी कांड में दो और अन्य व्यक्ति—मोहम्मद आफ़ताब आलम एवं मोहम्मद एहसान—भी संलिप्त थे। इन दोनों व्यक्तियों को भी थाना पर लाया गया था और पूछताछ की गई थी, जिसकी सूचना किसी भी वरीय पदाधिकारी को नहीं दी गई। इन दोनों व्यक्तियों के माध्यम से पैसे लिए गए और उसके उपरांत उन्हें छोड़ दिया गया। 


प्रारंभिक जांच में 8 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता उजागर

सिटी एसपी ने बताया कि इस मामले की प्रकृति को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक, फुलवारी शरीफ द्वारा इसकी जांच शुरू की गई है। प्रथम दृष्टया इस जांच में फुलवारी शरीफ थाना के 8 पदाधिकारी एवं कर्मी की संलिप्तता पाई गई है। इन सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता पैसे के लेनदेन में और वरीय पदाधिकारी को गुमराह करने व अनुशासनहीनता में प्रतीत हो रही है। 


करीब 11 लाख रुपये के लेन-देन का मामला आया सामने

वर्तमान जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि इस प्रकरण में करीब 11 लाख रुपये की लेनदेन की गई थी। इसमें से विभिन्न किश्तों में विभिन्न माध्यमों से पेमेंट की गई, जो कि अभी अनुसंधान का विषय है। जांच पूर्ण होने के पश्चात इस वित्तीय अनियमितता और लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जाएगा। 


आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज और निलंबन की कार्रवाई शुरू

इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और उनके विरुद्ध निलंबन की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही इसके उपरांत कड़े तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस सख्त कदम से महकमे में हड़कंप मच गया है। 


प्रथम दृष्टया इन पुलिसकर्मियों की संलिप्तता प्रकाश में आई है :

 * पु०अ०नि० दिवाकर प्रसाद

 * पु०अ०नि० नारद मुनि सिंह

 * पु०अ०नि० रितेश कुमार

 * परि०पु०अ०नि० आकाश कुमार

 * पु०अ०नि० पवन कुमार

 * पी०टी०सी०-1118 साबिर आलम

 * सि०-8949 आनन्द राज

 * सि०-9035 शुभम कुमार

इन पुलिसकर्मियों के अलावा कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है                                 


रंजीत की रिपोर्ट