पटना पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 31 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, 24 घंटे के भीतर योगदान देने का अल्टीमेटम

Bihar Police : पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर है। पटना एसएसपी ने जिले की पुलिस बल में बड़ा फेरबदल किया है। एसएसपी ने कई थानों के थानाध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर का स्थानांतरण कर दिया है....

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा (फाइल फोटो)- फोटो : अनिल कुमार

Patna : पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण जिलादेश जारी करते हुए जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं में तैनात 31 पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, थानों या विशिष्ट इकाइयों में तीन वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी कर लेने के कारण इन पुलिस पदाधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से उनके नाम के सामने अंकित नए थानों या शाखाओं में तत्काल प्रभाव से पदस्थापित किया गया है। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए तैनाती स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।


कई थानों के थानाध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर बदले गए

जारी की गई सूची के अनुसार, इस फेरबदल के तहत जिले के कई महत्वपूर्ण थानों के थानाध्यक्षों और अंचल पुलिस निरीक्षकों (सर्किल इंस्पेक्टर) को बदला गया है। उदाहरण के तौर पर, पुलिस निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह को ICCC से हटाकर थानाध्यक्ष बुद्धाकॉलोनी बनाया गया है, जबकि संजीव कुमार को थानाध्यक्ष रामकृष्णनगर से हटाकर अंचल पुलिस निरीक्षक बख्तियारपुर के पद पर भेजा गया है। इसी प्रकार, मनीष कुमार अम्बष्ट को थानाध्यक्ष शाहपुर से पुलिस केन्द्र, पटना और संजीव कुमार यादव को थानाध्यक्ष पुनपुन बाजार से पुलिस केन्द्र, पटना स्थानांतरित किया गया है।


दागी और जांच के दायरे में आए अधिकारियों की पोस्टिंग पर सख्त रोक

वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी इस आदेश में गृह विभाग (विशेष शाखा) के संकल्पों का हवाला देते हुए कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके तहत स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पुलिस पदाधिकारी किसी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध (Convict) हो, या किसी आपराधिक मामले में अभियुक्त (Accused) बनाया गया हो, तो उसे थानाध्यक्ष या अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर पदस्थापित नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार (Corruption) या अभिरक्षा में हिंसा (Custodial Violence) जैसे नैतिक अधमता के मामलों में विभागीय कार्रवाई का सामना कर रहे दोषी अधिकारियों पर भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा।


शराबबंदी कानून के उल्लंघन और विभागीय कार्रवाई पर विशेष दिशा-निर्देश

आदेश में यह भी रेखांकित किया गया है कि जिन पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई में 'परिनिंदा' या उससे अधिक की सजा मिली हो, उन्हें तीन वर्षों तक थानाध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य में प्रभावी शराबबंदी/Anti-Liquor टास्क फ़ोर्स के नियमों के तहत, यदि किसी थानाध्यक्ष या ओपी प्रभारी की संलिप्तता शराब निर्माण, बिक्री या परिवहन में पाई जाती है या इस संबंध में उनके कार्य में लापरवाही दिखती है, तो उन्हें अगले 10 वर्षों के लिए किसी भी थाने या ओपी के प्रभारी के रूप में पदस्थापित नहीं किया जाएगा।


24 घंटे के भीतर नए पदस्थापन स्थान पर योगदान देने का अल्टीमेटम

वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र (दिनांक 01 जून 2026) में सभी स्थानांतरित पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आदेश जारी होने के 24 घंटे के अंदर अपने नए पदस्थापन स्थल पर अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करें। इसके अलावा, प्रभार सौंपने से संबंधित संचिका, चालान, और वायरलेस सेट आदि को एक सप्ताह के भीतर प्रतिपालक प्रधान को हस्तागत कराना सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस आदेश की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक (प्रशासन/नगर/ग्रामीण), सभी संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और संबंधित थानों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।


अनिल की रिपोर्ट