मनेर में आकाशीय बिजली का कहर: ठनका गिरने से युवक की मौत, झोपड़ी और दो मवेशी जलकर राख
तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली (ठनका) की चपेट में आने से महावीर टोला के एक 28 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत। वहीं हुलासी टोला में ठनका गिरने से झोपड़ी और दो मवेशी जलकर राख। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा।
मनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को आए चक्रवाती मौसम ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और भीषण आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से जहां महावीर टोला में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं हुलासी टोला में एक गरीब की आशियाना जलकर खाक हो गया और बेजुबान मवेशियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पेड़ के नीचे छिपना पड़ा भारी, युवक की मौके पर ही मौत
हादसे का सबसे दुखद पहलू महावीर टोला से सामने आया, जहां स्थानीय निवासी स्वर्गीय मथुरा राय का 28 वर्षीय पुत्र संचित राय मनेर में आई इस आपदा का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संचित अपने घर के पास गांव में टहल रहा था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए संचित पास में ही मौजूद एक पेड़ के नीचे छिप गया। इसी दौरान पेड़ पर भीषण आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से संचित की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मामले की पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि युवक संचित राय की मौत ठनका (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने की वजह से हुई है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मृतक का शव उसके रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया है, जिससे परिवार में कोहराम मचा है।
हुलासी टोला में भीषण अगलगी, झोपड़ी समेत दो मवेशी जलकर राख
आकाशीय बिजली का एक और कहर हुलासी टोला गांव में देखने को मिला, जहां ठनका गिरने से कामता चौधरी नामक ग्रामीण की झोपड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई। इस अगलगी की घटना में झोपड़ी के भीतर बंधे दो मवेशी (दुधारू पशु) भी बुरी तरह झुलस गए, जिससे उनकी भी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पीड़ित परिवार के सामने रहने और आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।