आरोप व निगरानी प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक में बोले मंत्री नीतीश मिश्रा, गंभीर आरोपों घिरे अधिकारियों एवं कर्मियों पर तुरंत हो कार्रवाई
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज विभाग के आरोप और निगरानी प्रकोष्ठ के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने कड़े तेवर अपनाते हुए गंभीर आरोपों से घिरे अधिकारियों और फाइलों को दबाकर रखने वाले बाबुओ के खिलाफ त्वरित व सख्त कार्रवाई
Patna : बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को विभाग के आरोप एवं निगरानी प्रकोष्ठ तथा नगरपालिका प्रशासन से जुड़े कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। "जवाबदेही तय, गुणवत्ता सुनिश्चित" के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, लंबे समय से लंबित मामलों, विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई तथा शहरी निकायों की कार्यप्रणाली की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई। बैठक में मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनियमितता या ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गंभीर आरोपों वाले कर्मी होंगे चिन्हित, फाइलों को दबाकर रखने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज
समीक्षा के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने कड़े तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर प्रकृति के आरोपों से घिरे अधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने दफ्तरों में लंबित रहने वाली फाइलों पर गहरी नाराजगी जताई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी टेबल पर फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी (लंबित रखना) नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के पास फाइलें तय समय से अधिक दिनों तक बिना वजह लंबित पाई जाएंगी, उन्हें भी चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसक्यूएम (SQM) प्रणाली से होगी विकास योजनाओं के निर्माण कार्यों की स्वतंत्र जांच
शहरी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मंत्री ने एक नई व्यवस्था की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब राज्य में 'स्टेट क्वालिटी मॉनिटर' (SQM) प्रणाली लागू की जा रही है। इस प्रणाली के माध्यम से सभी नगर निगम क्षेत्रों में संचालित की जा रही विकास योजनाओं तथा आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन (थर्ड पार्टी असेसमेंट) कराया जाएगा। इस स्वतंत्र जांच से निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सकेगी।
आपदा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक मशीनों से लैस होंगे नगर निगम, जल-जमाव से मिलेगी मुक्ति
आगामी मौसम और संभावित आपात स्थितियों को देखते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने आपदा प्रबंधन एवं शहरी क्षेत्रों की तैयारियों पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित प्राकृतिक आपदाओं एवं आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रत्येक नगर निगम को अत्याधुनिक मशीनों, उपकरणों और आवश्यक तकनीकी संसाधनों से पूरी तरह सशक्त बनाया जाए। इसके तहत शहरों में जल-जमाव (वॉटर लॉगिंग) एवं बाढ़ प्रबंधन, बड़े और छोटे नालों की समय पर नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।
वार्ड स्तर पर चलेगा जन-जागरूकता अभियान, आपदा-प्रतिरोधी बनाए जाएंगे बिहार के शहर
मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय की मांग को देखते हुए नगर निगम स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction-DRR) तंत्र को बेहद मजबूत करना अनिवार्य है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को भवन निर्माण नियमावली (बाय-लॉज) का सख्ती से अनुपालन कराने, अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) उपायों को सुदृढ़ करने तथा आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र (अर्ली वार्निंग सिस्टम) विकसित करने का रोडमैप तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि वार्ड स्तर पर आम नागरिकों के लिए जन-जागरूकता एवं विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं, जिससे बिहार के शहरों को अधिक सुरक्षित, सक्षम और आपदा-प्रतिरोधी (डिजास्टर रेजिलिएंट) बनाया जा सके।
वंदना की रिपोर्ट