बिहार को बड़ा तोहफा! मोकामा में नए रेल पुल पर इस दिन से दौड़ेंगी ट्रेनें, 1700 करोड़ की लागत से बना ब्रिज है बेहद खास

मोकामा में राजेन्द्र सेतु के सामान्तर नए रेल पुल के चालू होने से मोकामा, बरौनी और हाथीदह रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन को बड़ी मजबूती मिलेगी। यह बिहार में रेल सेवाओं को नईगति देगा और उत्तर और दक्षिण बिहार की यात्रा बेहद आसान हो जाएगी

New Ganga Rail Bridge at Mokama- फोटो : news4nation

Bihar Rail News : बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाए गए नए रेल पुल से 5 अक्टूबर 2026 से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की तैयारी है। इससे पहले 3 और 4 अक्टूबर को रेलवे सुरक्षा आयुक्त नए पुल का अंतिम निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद परिचालन को हरी झंडी दी जाएगी।


नए रेल पुल के चालू होने से मोकामा, बरौनी और हाथीदह रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन को बड़ी मजबूती मिलेगी। पुराने राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों की गति सीमित थी और उन्हें करीब 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाता था। नए पुल पर ट्रेनों की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकेगी। इससे इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर सफर का समय कम होने और परिचालन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।


4 अक्टूबर तक चलेगा मेगा ब्लॉक

फिलहाल मोकामा, बरौनी और हाथीदह रेलखंड पर नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) और ट्रैक कनेक्टिविटी का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे ने इसके लिए 4 अक्टूबर तक मेगा ब्लॉक लिया है। इस दौरान डबल लाइन रेल पुल और सिग्नलिंग सिस्टम को अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक पैनल से जोड़ा जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस अवधि में कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। रेलवे के अनुसार 4 अक्टूबर तक नॉन-इंटरलॉकिंग और ट्रैक कनेक्टिविटी का काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद नए रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा।


करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ पुल

राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किया गया यह रेल प्रोजेक्ट करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। मुख्य रेल पुल की लंबाई लगभग 1.86 किलोमीटर है, जबकि कनेक्टिंग रेल ट्रैक समेत पूरी परियोजना की लंबाई करीब 14 किलोमीटर है। नए रेल मार्ग को मोकामा-बरौनी रेलखंड के साथ-साथ हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल लाइन से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। 


दरअसल, मोकामा के राजेन्द्र सेतु 1950 के दशक में बना गंगा पर पहला रेल सह सड़क पुल का गौरव रखता है। हालांकि राजेन्द्र पुल पर रेल के सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों का दबाव लगातार रहता है। ऐसे में ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहाँ नया रेल पुल बनाया गया है जो दोहरे ट्रैक वाला है। अब नए रेल पुल से एक साथ दो ट्रेनों का परिचालन एक बार में होगा। इससे कई ट्रेनों की गति बढ़ेगी जबकि यात्रियों को यात्रा में समय की बचत होगी। वहीं माल ढुलाई के मामले में भी नया रेल पुल नई गति देगा। 

बिहार का महत्वपूर्ण रेल कोरिडोर 

पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि 4 अक्टूबर तक नॉन-इंटरलॉकिंग का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद नए रेल ब्रिज पर ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा। हालांकि उन्होंने नए पुल से रेल परिचालन की स्पष्ट तारीख पर अभी कुछ भी मुहर नहीं लगाया है। नए पुल के शुरू होने से पुराने राजेंद्र सेतु पर परिचालन का दबाव कम होगा और बिहार के इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर को तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।