Anant Singh News: तो तत्काल रद्द हो जाएगा जमानत, मोकामा विधायक अनंत सिंह को इस शर्त पर मिली बेल, जानिए कब आएंगे जेल से बाहर

Anant Singh News: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जमानत तो मिल गई है लेकिन उसके साथ ही कोर्ट ने शर्त भी रखी है। अगर अनंत सिंह कोर्ट की शर्त नहीं मानेंगे तो उनकी जमानत तुरंत रद्द हो जाएगी।

अनंत सिंह को शर्तों पर मिली बेल - फोटो : social media

Anant Singh News:  बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जमानत मिल गई है। सूत्रों की मानें तो अनंत सिंह को अभी 3 रात जेल में ही काटनी होगी। अनंत सिंह सोमवार को जेल से रिहा हो सकते हैं। पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। फिलहाल अनंत सिंह बेऊर जेल में बंद हैं। विधानसभा चुनाव में वोटिंग से पहले अनंत सिंह जेल चले गए थे। जेल में बंद रहकर ही उन्होंने चुनाव भी जीता। वहीं जानकारी मिल रही है कि अनंत सिंह को हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों पर जमानत दी है। 

इस शर्त पर मिली जमानत 

जानकारी अनुसार जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद शर्तों के साथ जमानत दी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अनंत सिंह केस के सूचक या गवाहों को प्रभावित या धमकाने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तत्काल रद्द की जा सकती है। साथ ही, सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहना भी अनिवार्य होगा।

कोर्ट में क्या दलील दी गई?

अनंत सिंह की ओर से अधिवक्ता श्रुति सिंह ने याचिका दायर की, जबकि वरिष्ठ वकील नरेश दीक्षित ने बहस की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप के अनुसार गोली मृतक के पैर की एड़ी में लगी थी, जिससे मौत संभव नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि मृत्यु किसी भारी वस्तु से लगी चोट के कारण हुई।

पीड़ित पक्ष ने किया विरोध

वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सतेंद्र नारायण सिंह ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और गवाहों को खतरा हो सकता है। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2025 को पटना जिले के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भदौर थाना में केस दर्ज किया गया था। 

जेल में रहते जीता चुनाव

घटना के समय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी और अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। चुनाव से पहले ही गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए मोकामा सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने राजद उम्मीदवार वीणा देवी को बड़े अंतर से हराया था। हाल ही में अनंत सिंह ने राजनीति छोड़ने के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने कहा था कि यदि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, तो वे भी चुनाव नहीं लड़ेंगे और अपने बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाएंगे। फिलहाल, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।