केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मिले मोकामा विधायक अनंत सिंह, जेल से आने के बाद दोनों में हुई खास मुलाकात, निशांत को देखना चाहते हैं सीएम

दुलारचंद हत्याकांड में पिछले दिनों जेल से आए मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने सीएम नीतीश के खास और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात की है.

Anant Singh met Lalan Singh- फोटो : news4nation

Anant Singh : मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद ललन सिंह से पटना में मुलाकात की. दुलारचंद यादव हत्याकांड में पिछले दिनों अनंत सिंह को मिली बेल के बाद वे जेल में बाहर आए हैं और उसके बाद उन्होंने ललन सिंह से मुलाकात की है. अनंत सिंह का मोकामा विधानसभा क्षेत्र भी मुंगेर संसदीय क्षेत्र में है. ऐसे में अपने संसदीय क्षेत्र के सांसद और जदयू के वरिष्ठ नेता से हुई अनंत सिंह की इस मुलाकात को बेहद खास माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच यह एक शिष्टाचार मुलाकात रही जिसमें क्षेत्र के विकास और जदयू में चल रही हालिया सियासी गतिविधियों पर चर्चा हुई. 


दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान ही दुलारचंद की हत्या हुई थी. बाद में अनंत सिंह की गिरफ्तारी हुई तो ललन सिंह ने खुद मोकामा में उनके चुनावी प्रचार की कमान संभाल ली. ललन सिंह ने न सिर्फ अनंत सिंह के चुनाव प्रचार किया था बल्कि चुनाव को बाधित करने वाले संभावित शरारती तत्वों को सख्त चेतावनी भी दी थी. अनंत सिंह ने जेल में रहते ही लगातार छठी बार मोकामा से चुनाव जीतने में सफलता पाई और विधायक बने. 


चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान

वहीं जेल से निकलने के बाद 25 मार्च को  news4nation के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि वे जेल से बाहर आने के बाद अब जनता का काम करेंगे. उन्होंने दोहराया कि उनका ध्यान क्षेत्र में काम करने पर होगा. साथ ही सियासी तौर चुनावी राजनीति से दूर होने पर बड़ा ऐलान किया. नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अनंत सिंह ने पिछले दिनों भी कहा था कि वे अब चुनाव में नहीं उतरेंगे. उन्होंने फिर से दोहराते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन बरकरार रहेगा लेकिन अब वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे. गौरतलब है कि अनंत सिंह वर्ष 2005 में पहली बार विधायक बने उसके बाद से वे 2010, 2015, 2020 और 2025 में मोकामा से विधानसभा चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे. 


निशांत को सीएम बनाने की मांग

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में हुई एंट्री पर उन्होंने इसे बढ़िया कदम बताया. निशांत इसी महीने जदयू में शामिल हुए हैं और लगातार पार्टी के विविध कार्यक्रमों के साथ ही कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय हैं. उन्हें लेकर जदयू के एक वर्ग की मांग रही है कि निशांत को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाए क्योंकि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद वे उनकी जगह योग्य होंगे. अनंत सिंह से जब पूछा गया कि निशांत का राजनीति में आना कैसा है तो उन्होंने इसे नीतीश कुमार का बढ़िया निर्णय बताते हुए निशांत के सियासी सफर की शुरुआत को बढ़िया बताया. उन्होंने निशांत में सीएम बनने के सभी गुण होने की बात कही. 


कौन बेटा लड़ेगा चुनाव

अनंत सिंह ने ऐलान किया कि वे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. लेकिन उनके परिवार के लोग चुनाव में उतरेंगे. उनकी जगह मोकामा से कौन विधानसभा चुनाव में उतरेगा के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लायक होगा वह चुनाव लड़ेगा. अनंत सिंह के तीन बेटों में दो जुड़वाँ हैं. माना जा रहा है कि उनके जुड़वाँ बेटों में ही कोई एक चुनाव में उतरेंगे. हालांकि अनंत सिंह किसे अपना उत्तराधिकारी बनाकर पेश करते हैं इसे उन्होंने सस्पेंस बनाकर रखा है. 


मंदिर में की पूजा 

समर्थकों के बीच छोटे सरकार के नाम से मशहूर अनंत सिंह को पिछले सप्ताह ही दुलारचंद हत्याकांड में जमानत मिली. वे सोमवार, 23 मार्च को जेल से बाहर आए जिसके बाद मंगलवार को मोकामा इलाके में 50 किलीमीटर का रोडशो करते हुए बड़हिया महारानी मंदिर तक गए. इस दौरान सैंकड़ों जगहों पर अनंत सिंह के स्वागत में लोगों की भीड़ उमड़ी. उहोने कई मंदिरों में पूजा की और जनता का अभिवादन करते हुए गुजरे.