Bihar News : पटना मेगा जॉब फेयर में 20 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार, 115 से अधिक कम्पनियों ने लिया हिस्सा

Bihar News : पटना के ज्ञान भवन में युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग द्वारा आयोजित 'मेगा जॉब फेयर-2026' के समापन एवं नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया।

20 हज़ार से अधिक को मिला रोजगार - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग द्वारा निजी क्षेत्र में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, रिटेल एवं अन्य संबद्ध क्षेत्रों में आयोजित मेगा जॉब फेयर-2026 के नियुक्ति पत्र वितरण एवं समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित ज्ञान भवन के भूतल पर आयोजित मेगा जॉब फेयर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने रोजगार के लिए इंटरव्यू देने आए युवक-युवतियों से बातचीत की तथा उनके कैरियर एवं रोजगार से संबंधित जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ए०आई० इनेबल्ड कियोस्क के माध्यम से युवाओं को कैरियर एवं रोजगार तलाशने में मिल रही सहायता की भी जानकारी ली। समारोह में मुख्यमंत्री ने नियोक्ताओं द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। साथ ही मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नियोक्ताओं को सम्मानित किया। उन्होंने चीन के शंघाई में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले इंडिया स्किल विजेताओं को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेगा जॉब फेयर-2026 से संबंधित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री के समक्ष मेगा जॉब फेयर-2026 पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, भोजपुर में मानसिक रोग से स्वस्थ हुए व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु प्रशिक्षण केंद्र तथा दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों के कौशल विकास एवं आजीविका संवर्द्धन हेतु प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगा जॉब फेयर में 115 से अधिक नियोक्ताओं की सहभागिता के माध्यम से 20,226 युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुये। इनमें 3,940 युवाओं को बिहार में ही रोजगार मिला, 36 दिव्यांगजनों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुये तथा 476 युवा विदेशों में रोजगार के लिये चयनित किये गये। उन्होंने सभी चयनित युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोजगार मिलने से उनके जीवन में बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में प्रदेश एवं प्रमंडल स्तर पर नियोजन मेले आयोजित किए जाते थे। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि अगले वर्ष से बिहार के प्रत्येक जिले में नियोजन मेले की व्यवस्था की जाएगी। बिहार के युवा कौशलयुक्त होकर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, यह गौरव की बात है। बिहार की प्रतिभाएं देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसी व्यक्ति को जीवन-यापन के लिए बिहार से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में एन०डी०ए० सरकार ने 10 लाख लोगों को नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस दौरान साढ़े 11 लाख लोगों को सरकारी नौकरी एवं 51 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है ताकि दुनिया के लोगों को बिहार में बुलाकर यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करायी जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पी०पी०पी० मोड पर 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग 70 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें बिहार सरकार 20 हजार करोड़ रुपये तथा निजी क्षेत्र 50 हजार करोड़ रुपये का योगदान करेगा। बिहार में युवाओं को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में 5 रूपये में पॉलिटेक्निक तथा 10 रूपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। युवाओं को लैंग्वेज क्लासेस की सुविधा भी दी जा रही है, ताकि वे विदेशों में भी आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। प्रत्येक आवेदन का 30 दिनों के अंदर निष्पादन सुनिश्चित किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन के शंघाई में विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 का आयोजन हो रहा है। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों को मेरी शुभकामनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से 12 लाख युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया जा चुका है। आजादी से अब तक बिहार में कुल 278 डिग्री कॉलेज थे। राज्य सरकार ने 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन का शुभारंभ कराया है। इससे अब विद्यार्थियों को प्रखंड स्तर पर ही डिग्री कॉलेज में पढ़ाई की सुविधा मिलने लगी है। राज्य में 511 मॉडल स्कूल खोले गए हैं, जिनमें लाइव क्लासेस की शुरुआत भी कराई गई है। मॉडल स्कूल के बच्चों के लिए रात 11 बजे भी ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध हों, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। उन्होंने कहा कि आपके जीवन में रोजगार का अवसर आया है। पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन करें और अपनी मेहनत एवं प्रतिभा का प्रदर्शन करें। आपकी सफलता से आपका परिवार गौरवान्वित होगा तथा अन्य युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। यदि आप खुशहाली चाहते हैं तो स्किल्ड बनें और सीखने की आदत डालें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जब कौशलयुक्त होंगे तभी आगे बढ़ेंगे और सक्षम बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी तथा पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के सपनों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। सभी के योगदान से बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव श्री कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री को पौधा,अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर सहित अन्य वरीय अधिकारी, नियोक्तागण एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

पटना से पुष्कर प्रवीण की रिपोर्ट