Bihar News : बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय और भारत केयर्स के बीच हुआ समझौता, छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा मुफ्त कौशल विकास एवं उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण

Bihar News : बिहार में तकनीकी शिक्षा को नया आयाम देने और छात्रों को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.........पढ़िए आगे

कौशल विकास के लिए समझौता - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना एवं भारत केयर्स (एसएमईसी ट्रस्ट), आईबीएम स्किल्स बिल्ड-कंट्री पार्टनर के बीच शिक्षकों एवं छात्रों के कौशल विकास और उन्हें उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह 16 सितंबर 2026 को बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ।

इनकी रही मौजूदगी 

समझौते पर सीएसआर बॉक्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा भारत केयर्स-आईबीएम स्किल्स बिल्ड-कंट्री पार्टनर के प्रबंध निदेशक भोमिक शाह और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा, प्रशिक्षण एवं नियोजन पदाधिकारी नीरज कुमार सहित विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निःशुल्क प्रशिक्षण और कौशल विकास

समझौता ज्ञापन का उद्देश्य आईबीएम एवं उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में शिक्षकों और छात्रों को व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके तहत नवाचार एवं परियोजना आधारित सत्र, हैकाथॉन, प्रशिक्षण तथा विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा छात्रों में रोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। 

संयुक्त रूप से काम करेंगी संस्थाएं 

आईबीएम स्किल्स बिल्ड कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार एवं करियर संबंधी अवसरों का सृजन करने, ज्ञान एवं संसाधनों के आदान-प्रदान तथा लाभार्थियों की क्षमता निर्माण के लिए दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कार्य करेंगी। यह सहयोग बिहार के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में उद्योग और अकादमिक जगत के बीच समन्वय को मजबूत करने के साथ कौशल विकास, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।