मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान: राष्ट्रीय स्तर पर लड़ी जाएगी निषाद आरक्षण की लड़ाई, 2028 में कर्नाटक चुनाव लड़ेगी VIP

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने मंगलवार को निषाद आरक्षण की मांग को लेकर बड़ा राष्ट्रीय दांव खेला है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बिहार-यूपी के बाद अब कर्नाटक में संगठन विस्तार का ऐलान किया...

मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान- फोटो : देवांशु प्रभात

Patna : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद समाज के हक और आरक्षण की लड़ाई को देशव्यापी बनाने का बड़ा संकल्प लिया है। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए सहनी ने ऐलान किया कि बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में संगठन की मजबूत पकड़ के बाद अब वीआईपी ने दक्षिण भारत के अहम राज्य कर्नाटक में अपना विस्तार कर लिया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक दिल्ली की सत्ता में उनकी प्रभावी भागीदारी नहीं होगी, तब तक यह लड़ाई मुकाम पर नहीं पहुंचेगी।


कर्नाटक में 2028 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी, बी.के. मोहन बने प्रदेश अध्यक्ष

मुकेश सहनी ने संगठनात्मक ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि कर्नाटक में करीब 12 से 13 प्रतिशत निषाद समुदाय की आबादी निवास करती है, जिन्हें वहां 'गंगापुत्र' के नाम से जाना जाता है। पार्टी ने वहां अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बी.के. मोहन को कर्नाटक का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। सहनी ने घोषणा की कि नए नेतृत्व में पार्टी ने साल 2028 में होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव को पूरी मजबूती के साथ लड़ने की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं।


2029 में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनने पर मिलेगा न्याय

केंद्र की राजनीति पर बड़ा बयान देते हुए वीआईपी प्रमुख ने इंडिया (INDIA) गठबंधन के प्रति अपना भरोसा जताया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनेगी और उसके बाद ही देश के निषाद समाज की अनुसूचित जाति (SC) या अन्य श्रेणियों में आरक्षण संबंधी पुरानी मांगों को वास्तविक न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की इस आवाज को बुलंद करने के लिए वीआईपी अन्य राज्यों में भी पैर पसारेगी।


आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र को घेरा

मुकेश सहनी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश इस समय भारी कर्ज, कमरतोड़ महंगाई और भीषण बेरोजगारी जैसे गंभीर आर्थिक संकटों से जूझ रहा है। देश का पढ़ा-लिखा नौजवान रोजगार के लिए सड़कों पर भटक रहा है, लेकिन सरकार इन वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के बजाय केवल प्रचार-प्रसार और राजनीतिक जोड़-तोड़ के प्रबंधन में व्यस्त है।


लालू यादव की सुरक्षा और बंगला विवाद पर सरकार पर साधा निशाना

बिहार के सियासी घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए सहनी ने विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा घटाना और सरकारी आवास (बंगला विवाद) को तूल देना केवल जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा का भी समर्थन करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत जाकर समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं को दबाने का प्रयास बंद होना चाहिए।


देवांशु प्रभात की रिपोर्ट