मुजफ्फरपुर ATS विवाद: 7 KM अंदर देहात में टेस्टिंग स्टेशन,सॉफ्टवेयर जांच के लिए 4 सदस्यीय कमेटी गठित,संकरी सड़कों और पहुंच पर उठे सवाल

बिहार परिवहन विभाग द्वारा मुजफ्फरपुर के सुरसा माधोपुर गांव में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। जानिए वाहनों की हाई-टेक जांच प्रक्रिया, संकरी सड़कों की चुनौती और सॉफ्टवेयर जांच के लिए गठित 4 सदस्यीय कमेटी के बारे में।

मुजफ्फरपुर ATS विवाद: 7 KM अंदर देहात में टेस्टिंग स्टेशन,सॉफ्टवेयर जांच के लिए 4 सदस्यीय कमेटी गठित- फोटो : Reporter

बिहार परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिलों में निजी क्षेत्रों के माध्यम से ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसी पहल के तहत मुजफ्फरपुर जिले में भी एक अत्याधुनिक फिटनेस जांच केंद्र खोलने की अंतिम चरण की प्रक्रिया जारी है। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना है।


मुजफ्फरपुर के देहात में केंद्र की स्थापना 

मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर नेशनल हाईवे के कच्ची पक्की से 7 किलोमीटर दक्षिण स्थित सुदूर देहाती क्षेत्र में यह सेंटर बनाया जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिले के गांव सुरसा माधोपुर (पंचायत शेरपुर, हसन चक बंगरा, वार्ड 11) में इस ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना की जा रही है। विभाग का मानना है कि इस केंद्र के चालू होने से अनफिट गाड़ियों को सड़कों से हटाया जा सकेगा।


वाहनों की हाइटेक और पूरी तरह स्वचालित जांच

यह सेंटर पूरी तरह से आधुनिक तकनीकों से लैस होगा, जहां वाहनों के सभी सेफ्टी मेजर्स और तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। इसमें गाड़ी की बॉडी, ब्रेक, क्लच, स्पीडोमीटर, विंडो ग्लास, हॉर्न, लाइट्स और वाइपर जैसे सभी महत्वपूर्ण उपकरणों को स्वचालित प्रणाली से परखा जाएगा। केवल मानक पर खरे उतरने वाले वाहनों को ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होगा, जिससे हादसों का खतरा कम हो सके।


सड़कों की चौड़ाई और पहुंच पर खड़े होते सवाल

इस पूरी पहल के बीच सबसे बड़ा व्यावहारिक सवाल केंद्र की लोकेशन को लेकर उठ रहा है। मुख्य हाईवे से 7 किलोमीटर अंदर ग्रामीण इलाके की संकीर्ण गलियों से होकर ट्रक, बस और ट्रेवलर जैसे बड़े कमर्शियल वाहन जांच के लिए इस सेंटर तक कैसे पहुंचेंगे? संकरे रास्तों के कारण ट्रैफिक जाम, हादसों और वाहनों की सुगम आवाजाही को लेकर कई तरह की आशंकाएं और सवाल खड़े हो रहे हैं।


सॉफ्टवेयर जांच हेतु 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन

भौतिक सत्यापन के बाद अब इस ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन के मशीनी अधिष्ठापन और सॉफ्टवेयर संबंधी जांच के लिए परिवहन विभाग ने एक 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में चंदन कुमार (अवर सचिव, परिवहन विभाग), जिला परिवहन पदाधिकारी (मुजफ्फरपुर), राम जनम (मोटर यान निरीक्षक) और गौतम मिश्रा (प्रोग्रामर) शामिल हैं। विभाग ने इस कमेटी को तीन दिनों के भीतर परीक्षण कर मंतव्य सहित अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।