मजदूरों के द्वार पहुंचा कानून: नालसा योजना पर चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू का बड़ा संदेश, ऊर्जा ऑडिटोरियम में उमड़ी भीड़
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया।
Patna - बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य संरक्षक और मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू तथा बिहार न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान लगभग 500 दैनिक श्रमिकों को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने नालसा योजना के तहत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय तक पहुँच हर श्रमिक का अधिकार है और कानून उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
इस अवसर पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। मुख्य न्यायाधीश और उनकी धर्मपत्नी तथा जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने स्वयं उपस्थित श्रमिकों को ये चेक और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने अपने संबोधन में श्रमिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति सचेत किया, वहीं विभाग के सचिव दीपक आनंद और अन्य पदाधिकारियों ने सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में पटना हाई कोर्ट के कई न्यायाधीश, न्यायिक पदाधिकारी, हाई कोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सदस्य सचिव पवन कुमार पाण्डेय और श्रम अधीक्षक सुश्री नेहा आर्या ने भी अपनी योजनाओं से संबंधित जानकारी श्रमिकों के साथ साझा की। समारोह का समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना की सचिव श्रीमती पल्लवी आनंद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहाँ उन्होंने श्रमिकों के सशक्तीकरण की दिशा में इस कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।