Bihar Electricity:नासा ने दिखाई बिहार की रोशनी वाली तस्वीर, दुनिया रह गई दंग, क्रेडिट लेने की जंग तेज
Bihar Electricity: अंधेरे के साथ हीं स्याह तिमिर में डूब जाने वाला बिहार आज रात के वक्त आसमान से किसी चमकते सितारे की तरह जगमगाता दिखाई दे रहा है।...
Bihar Electricity: कभी अंधेरे के साथ हीं स्याह तिमिर में डूब जाने वाला बिहार आज रात के वक्त आसमान से किसी चमकते सितारे की तरह जगमगाता दिखाई दे रहा है। यह कोई सियासी दावा नहीं, बल्कि नासा की सैटेलाइट तस्वीरों और आंकड़ों का खुलासा है, जिसने बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों के बदलने की कहानी बयां कर दी है।
जहाँ कभी गांव-देहात में लालटेन और ढिबरी ही रात की पहचान हुआ करती थी, वहीं अब हर घर बिजली की रोशनी से रोशन है।नासा की रिपोर्ट के मुताबिक 2014 से 2022 के बीच बिहार में रात के समय रोशनी की चमक करीब 3.5 गुना बढ़ गई है जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। यानी बिहार अब सिर्फ अंधेरे को मात नहीं दे रहा, बल्कि पूरे मुल्क में रोशनी की नई मिसाल कायम कर रहा है।
इस कामयाबी पर सियासी गलियारों में भी जबरदस्त हलचल है। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस उपलब्धि का सेहरा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सिर बांधते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में हर गांव, हर टोले तक बिजली पहुंचाने का मिशन मुकम्मल हुआ। उन्होंने इसे बिहार मॉडल बताते हुए दावा किया कि देश के कई राज्यों ने इस फॉर्मूले को अपनाया है।
लेकिन सियासत यहीं थमती नहीं। अब इस रोशनी की सियासत में क्रेडिट लेने की होड़ भी तेज हो गई है। कोई इसे विकास का प्रतीक बता रहा है, तो कोई इसे सामाजिक बदलाव की बुनियाद। हकीकत यह है कि बीते 10-15 सालों में बिहार ने जो बिजली के क्षेत्र में छलांग लगाई है, वह किसी करिश्मे से कम नहीं मानी जा रही।
आज का बिहार न सिर्फ दिन में, बल्कि रात के अंधेरे में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। यह क्रांति सिर्फ बिजली की तारों का जाल नहीं, बल्कि बदलती सोच, नई नीतियों और मजबूत इरादों की दास्तान है जिसने अंधेरे को पीछे छोड़कर उजाले की नई कहानी लिख दी है।