बिहार में पहली बार बंद हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग ! बाहुबलियों के गढ़ मोकामा में 'मौत' का रास्ता किया गया बंद
चुल्लू भर पानी में डूबने वाली कहावत तो आपने सुनी होगी, लेकिन यह बिहार है साहब… यहां आदमी नाले के पानी में ही डूब जाए तो हैरानी नहीं होगी। यह सब हो रहा NH-80 पर .
Bihar News : बिहार में शायद यह पहला मौका है जब किसी नेशनल हाईवे को उसकी बदहाली की वजह से बंद करना पड़ा है। पटना जिले के मोकामा में हथिदह के पास महेंद्रपुर गांव स्थित NH-80 को प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया है। वजह है सड़क पर बने इतने बड़े-बड़े गड्ढे कि पिछले कुछ दिनों से यहां रोज हादसे हो रहे थे। प्रशासन ने आखिरकार रास्ता रोक दिया, लेकिन सवाल यह है कि अगर सड़क पर गाड़ियां ही नहीं चलेंगी तो फिर नेशनल हाईवे होने का मतलब क्या रह जाता है?
चुल्लू भर पानी में डूबने वाली कहावत तो आपने सुनी होगी, लेकिन यह बिहार है साहब… यहां आदमी नाले के पानी में ही डूब जाए तो हैरानी नहीं होगी। हिचकोले खाते ट्रक, पानी में डूबती बाइकें और जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते लोग… यह किसी गांव की टूटी सड़क नहीं, बल्कि राजधानी पटना से जुड़ा नेशनल हाईवे-80 है जो मोकामा प्रखंड से गुजरता है। मोकामा के हथिदह के पास महेंद्रपुर गांव से NH-80 की शुरुआत होती है, लेकिन यहां आधा किलोमीटर पार करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इसी सड़क से होकर लोग लखीसराय, जमुई और झारखंड जाते हैं। यही रास्ता मुंगेर, भागलपुर होते पश्चिम बंगाल तक जाता है। लेकिन सफर शुरू होने से पहले ही लोगों को मौत के रास्ते से गुजरना पड़ता है।
नाला है फिर भी जलजमाव
सबसे हैरानी की बात यह है कि सड़क के दोनों ओर नाला बना हुआ है, लेकिन इंजीनियरिंग की ऐसी नाकामी कि पानी की निकासी ही नहीं हो पाती। नतीजा यह कि सालों भर नाले का पानी सड़क पर जमा रहता है। हल्की बारिश होते ही हालात ऐसे हो जाते हैं कि सड़क और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। कई जगह पानी इतना भर जाता है कि पैदल चलने वाले लोगों की कमर तक पानी पहुंच जाता है।
कई बड़े नेताओं का इलाका
यह इलाका राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इसी क्षेत्र से सांसद हैं। बाहुबली विधायक अनंत सिंह का इलाका है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार का गृह क्षेत्र भी यही है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का गृह क्षेत्र यहीं पड़ता है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के संसदीय क्षेत्र बेगूसराय और उनके गृह क्षेत्र बड़हिया जाने का प्रमुख रास्ता भी यही है। यहां तक कि बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र के ससुराल जाने का रास्ता भी इसी सड़क से गुजरता है। इतने बड़े-बड़े नेताओं के इलाके की सड़क की यह हालत लोगों को हैरान कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क की समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।
बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद
हालांकि जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने इस सड़क की मरम्मत को लेकर बिहार सरकार को पत्र लिखा है और जल्द कार्रवाई की मांग की है। लेकिन फिलहाल स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा। पिछले कुछ दिनों में लगातार हुए हादसों के बाद प्रशासन ने शनिवार को सड़क पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी। अब सवाल यही है कि आखिर नेशनल हाईवे की यह दुर्दशा कब खत्म होगी? और क्या लोगों को इसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा?