Bihar Politics: राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी का छलका दर्द, सीएम नीतीश पर किया बड़ा खुलासा, हाथ जोड़कर मांगी थी माफी...
Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने रविवार को सीएम नीतीश को लेकर बड़ा दावा किया, उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने हाथ जोड़ कर लालू और राबड़ी देवी से माफी मांगी थी और...
Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल(राजद) का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। लालू यादव ने तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र दिया। तेजस्वी ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि वो किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही तेजस्वी यादव का इस दौरान दर्द भी छलका। तेजस्वी ने कहा कि 2015 में उनके चुनाव जीते के बाद उन्हें साजिश के तहत केस में फंसाया गया। जिस वक्त का मामला है तब वो नाबालिग थे इसके बाद भी उन्हें केस में फंसा दिया गया। इसके साथ ही तेजस्वी ने बड़ा खुलासा भी किया है।
सीएम नीतीश ने हाथ जोड़कर मांगी था माफी
तेजस्वी यादव ने कहा है कि 2022 में जब सीएम नीतीश एनडीए से गठबंधन तोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए तो उन्होंने राबड़ी आवास में कई नेताओं के सामने हाथ-जोड़कर लालू यादव और राबड़ी देवी से माफी मांगी थी और कहा था कि इस बार गलती हो गई आगे से वो ऐसी गलती नहीं करेंगे। दरअसल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक जीवन, संघर्ष और मौजूदा हालात पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन की पहली राजनीतिक यात्रा कर्पूरी ठाकुर से आशीर्वाद लेकर शुरू की थी। उस समय उनके पास कोई पद नहीं था लेकिन वो आगे बढ़े।
तेजस्वी का छलका दर्द
तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2012-13 में साजिश के तहत लालू प्रसाद यादव को जेल भेजा गया। उस कठिन दौर में राबड़ी देवी के नेतृत्व में उन्होंने यात्रा निकालकर पूरे बिहार का दौरा किया। इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव आया, जिसमें उन्होंने पहली बार प्रचार की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2015 में उन्हें पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला, जिसमें वे विजयी रहे और राजद के नेतृत्व में सरकार भी बनी। उन्होंने 2017 का जिक्र करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर और साजिश के तहत मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। इसके बाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ भी झूठे मुकदमों का सिलसिला शुरू हुआ। तेजस्वी ने कहा कि नाबालिग रहते हुए भी उन्हें आरोपी बनाया गया और आज तक ये मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज तक केस-मुकदमा-पेशी जारी है।
एक ही लक्ष्य था भाजपा को रोकना
तेजस्वी यादव ने बताया कि 2019 और 2020 के बीच राजद ने “दवाई, पढ़ाई, सिंचाई और कार्रवाई” जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बावजूद सरकार नहीं बनी और उन्हें विपक्ष में रहना पड़ा। 2022 में फिर से सत्ता में वापसी हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एक ही लक्ष्य था। 2024 में भाजपा को सत्ता में आने से रोकना। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार को फिर से अपनाया।
तेजस्वी का खुलासा
10 सर्कुलर रोड पर हुई बैठक का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि कई नेता इसके गवाह भी हैं। उन्होंने कहा कि, यह बताने की जरूरत नहीं, केवल याद दिला रहे हैं। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि तब लालू यादव के आदेश पर ही काम होगा था। नीतीश जी हो या हम लालू जी के आदेश पर काम करते थे। तब हमने इंडिया गठबंधन की शुरुआत की। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार के पलटने का खामियाजा देश को भुगतना पड़ा।
तो प्रधानमंत्री नहीं बने पीएम
तेजस्वी ने दावा किया कि अगर सीएम नीतीश से धोखा नहीं मिला होता, तो आज नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते। उन्होंने कहा कि जो लोग 400 पार का नारा दे रहे थे, वे ढाई सौ से भी नीचे सिमट गए। तेजस्वी यादव ने चुनाव परिणामों और संगठन पर बोलते हुए कहा कि राजद को करीब एक करोड़ 90 लाख वोट मिले, जो पार्टी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि संगठनकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव लड़ा और टिकट वितरण को लेकर अलग-अलग विश्लेषण हो सकते हैं, लेकिन इस पर सार्वजनिक बहस की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों को कोई परेशानी है, उनसे बैठकर बात की जाएगी और समाधान निकाला जाएगा। अंत में तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि बूथ स्तर पर काम करें और संगठन को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि, चिंता की कोई बात नहीं है, संगठन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।