मानववादी कार्यकर्ता आलोक कुमार की मौत पर भड़का आक्रोश, मूलनिवासियों ने कैंडल मार्च निकाल बालू माफिया पर लगाया गंभीर आरोप

मानववादी कार्यकर्ता और बामसेफ के सक्रिय सदस्य आलोक कुमार की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु के बाद क्षेत्र में गहरा आक्रोश है। शनिवार को अकबरपुर बाजार में मूलनिवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी

Nawada - नवादा जिले के चर्चित मानववादी कार्यकर्ता और बामसेफ के सक्रिय सदस्य आलोक कुमार की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु के बाद क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल है। इस दुखद घटना के विरोध में और न्याय की मांग को लेकर शनिवार को अकबरपुर बाजार में मूलनिवासियों द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया।

नवादा जिले के लोकप्रिय मानववादी कार्यकर्ता और बाबा साहब के अनुयायी आलोक कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद न्याय की मांग तेज हो गई है। शनिवार को अकबरपुर बाजार में जुटे सैकड़ों मूलनिवासियों ने दिवंगत आलोक कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर प्रशासन संरक्षित बालू माफिया को जिम्मेदार ठहराया है। 

श्रद्धांजलि सभा और संकल्प

अकबरपुर बाजार में आयोजित शोक सभा के दौरान वक्ताओं ने आलोक कुमार को बामसेफ का सच्चा सिपाही बताया। कैंडल मार्च के दौरान उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि आलोक कुमार के आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक सिद्धांतों को वे जन-जन तक पहुँचाएंगे। 

बालू माफिया और प्रशासन पर निशाना

प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अवैध खनन और बालू चोरी में लगे ट्रैक्टर आम जनता के लिए काल साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू माफिया को स्थानीय प्रशासन का मूक समर्थन प्राप्त है, जिसके कारण आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं हो रही हैं। मूलनिवासियों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अवैध खनन पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।

रिपोर्ट -  अमन सिन्हा