NEET री-परीक्षा फर्जीवाड़ा: EOU की गिरफ्त में आया एक शातिर, बायोमेट्रिक धांधली का पूरा खेल बेनकाब
ह मामला 21 जून 2026 को आयोजित NEET री-परीक्षा से जुड़ा है। लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय, खगौर परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर के परीक्षा देने पहुंचने का मामला सामने आया था।
Bihar News : NEET-UG री-परीक्षा 2026 में मूल परीक्षार्थियों की जगह फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने के मामले में बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लखीसराय के हलसी थाना क्षेत्र के जहाना गांव निवासी प्रमोद कुमार के रूप में हुई है। EOU के अनुसार, प्रमोद को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाने से जुड़े नेटवर्क में अपनी भूमिका के बारे में जानकारी दी है।
बायोमेट्रिक व्यवस्था के जरिए फर्जीवाड़े का आरोप
यह मामला 21 जून 2026 को आयोजित NEET री-परीक्षा से जुड़ा है। लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय, खगौर परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर के परीक्षा देने पहुंचने का मामला सामने आया था। इसके बाद किउल थाना कांड संख्या 64/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रमोद कुमार ने विकास कुमार और राहुल के माध्यम से परीक्षा के बायोमेट्रिक कार्य का टेंडर लिया था। आरोप है कि इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े लोगों की मदद से फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था की गई। EOU के अनुसार, प्रमोद के बयान में मो. शहजाद, सुबोध और रोहित कुमार उर्फ मुरारी के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसी अब इन लोगों के कथित संपर्क और भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।
तीन मामलों की जांच कर रही EOU
जांच अब केवल किउल थाना कांड तक सीमित नहीं है। EOU के मुताबिक, प्रमोद और अन्य आरोपियों की संलिप्तता कवैया थाना कांड संख्या 244/26 और 245/26 में भी सामने आई है। इसी वजह से एजेंसी अलग-अलग मामलों के बीच संबंध और फर्जी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
इससे पहले बिहार पुलिस ने NEET री-परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े के मामले में मेडिकल छात्रों, कथित स्कॉलर और बायोमेट्रिक कर्मचारियों समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में कथित मिलीभगत की बात सामने आई थी।
14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
EOU के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। आरोपी रोहित कुमार उर्फ मुरारी को नवादा नगर थाना कांड संख्या 610/2026 से इस मामले में रिमांड पर लिया गया है। प्रमोद कुमार को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मूल अभ्यर्थियों और स्कॉलर के बीच संपर्क कैसे कराया जाता था, बायोमेट्रिक व्यवस्था में कथित सेंधमारी की योजना किसने बनाई और इस पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन की क्या भूमिका थी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनिल की रिपोर्ट