Shambhu Girls Hostel: NEET कांड में CBI पर संगीन इल्जाम! जबरन DNA सैंपल लेने का आरोप, परिजनों का हंगामा

Shambhu Girls Hostel: नीट कांड की तफ्तीश अब कानूनी जंग में तब्दील होती नजर आ रही है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई की कार्रवाई पर ही सवालों की बौछार हो रही है।...

NEET कांड में CBI पर संगीन इल्जाम!- फोटो : Social Media

Shambhu Girls Hostel: नीट कांड की तफ्तीश अब कानूनी जंग में तब्दील होती नजर आ रही है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई की कार्रवाई पर ही सवालों की बौछार हो रही है। पीड़िता के बेहद करीबी रिश्तेदार को बिना किसी नोटिस के सीबीआई दफ्तर बुलाकर घंटों तक पूछताछ करने और जबरिया ब्लड सैंपल लेने के आरोप ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है।

मंगलवार को जांच एजेंसी ने पीड़िता के एक रिश्तेदार को पूछताछ के लिए बुलाया। परिवार के मुताबिक, वह सुबह करीब 10:30 बजे सीबीआई ऑफिस पहुंचे, लेकिन उन्हें शाम सवा 7 बजे के आसपास छोड़ा गया। करीब 9 घंटे तक चली इस इंटेंस पूछताछ के दौरान कई सवाल दागे गए और कथित तौर पर उन पर दबाव भी बनाया गया।

परिवार के वकील एसके पांडेय ने इस कार्रवाई को कानून के खिलाफ बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डीएनए टेस्ट किसी भी व्यक्ति का यूं ही नहीं कराया जा सकता। इसके लिए पहले कोर्ट से अनुमति लेना जरूरी होता है और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ही सैंपल लिया जाता है। लेकिन यहां कायदे-कानून को दरकिनार कर कार्रवाई की गई।

इल्ज़ाम यह भी है कि रिश्तेदार पर यह मानने का दबाव बनाया गया कि छात्रा ने खुदकुशी की है, और उसी आधार पर डीएनए सैंपल देने को मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, परिवार का दावा है कि छात्रा के पिता, दादा और भाई का भी ब्लड सैंपल लिया गया और रात के करीब 2 बजे अचानक घर पहुंचकर कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह गैरकानूनी बताई जा रही है।

इस पूरे तफ्तीशी ड्रामे के खिलाफ परिजनों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर की गई है, जिस पर हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। उधर, सीबीआई ऑफिस के बाहर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है और वे इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।

परिवार के वकील ने यह भी सवाल उठाया कि जांच एजेंसी अब तक प्रभात हॉस्पिटल के डॉक्टरों से पूछताछ क्यों नहीं कर रही और छात्रा के माता-पिता का बयान भी दर्ज नहीं किया गया है। मामा ने तो यहां तक कह दिया कि सीबीआई की जांच भी ‘एसआईटी की तरह भटकती’ नजर आ रही है। इस संदिग्ध मौत की गुत्थी अब और उलझती जा रही है, जहां जांच एजेंसी खुद कटघरे में खड़ी दिख रही है।

रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज