आज से बदल गए डिजिटल पेमेंट के नियम, ATM से पैसा निकालना हुआ महंगा, फ्री लिमिट खत्म होते ही लगेगा इतना रुपये चार्ज
New Digital Payment Rules: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन का पूरा खेल बदल गया है।...
New Digital Payment Rules: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन का पूरा खेल बदल गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए नियम सीधे आपकी जेब, बचत और खर्च करने के तौर-तरीकों पर असर डालने वाले हैं।
अब अगर आप बिना कार्ड के UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकालते हैं, तो ये सुविधा पहले जैसी ‘फ्री’ नहीं रहेगी। बैंक अब ऐसे ट्रांजैक्शन को भी आपके महीने के फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की लिमिट में जोड़ेंगे। यानी अगर आपकी फ्री लिमिट खत्म हो गई, तो UPI से कैश निकालने पर भी आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
बैंकों ने एटीएम ट्रांजैक्शन को लेकर भी नया चार्ज मॉडल लागू कर दिया है। HDFC Bank के ग्राहक पांच फ्री ट्रांजैक्शन के बाद हर निकासी पर 23 रुपये चुकाएंगे, जबकि बंधन बैंक में तीन से पांच फ्री ट्रांजैक्शन के बाद यही शुल्क लागू होगा। वहीं, अगर खाते में बैलेंस कम होने की वजह से ट्रांजैक्शन फेल होता है, तो 25 रुपये का ‘पेनल्टी चार्ज’ देना होगा।पंजाब नेशनल बैंक ने भी कुछ डेबिट कार्ड्स पर कैश निकासी की लिमिट घटा दी है, जो 1 अप्रैल से लागू हो गई है।
सिर्फ चार्ज ही नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट की ‘सिक्योरिटी’ भी अब पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। RBI ने हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब अब सिर्फ OTP से काम नहीं चलेगा आपको पिन, बायोमेट्रिक या फेस आईडी जैसी दूसरी सुरक्षा परत भी देनी होगी।
हालांकि UPI में पहले से पिन और सिम बाइंडिंग जैसी सुरक्षा मौजूद थी, लेकिन अब इस सिस्टम को और मजबूत करते हुए सभी डिजिटल वॉलेट और पेमेंट गेटवे पर भी लागू किया जा रहा है। कुल मिलाकर, नया नियम ‘सुरक्षा’ और ‘खर्च’ दोनों का बैलेंस बनाने की कोशिश है लेकिन अगर आप सावधान नहीं रहे, तो आपकी जेब पर इसका असर साफ दिखेगा।