Bihar cabinet : बीजेपी ने खोला राज क्यों कतरा नीतीश सरकार में मांझी के बेटे संतोष सुमन का पर, लालू-तेजस्वी पर जोरदार प्रहार

बिहार कैबिनेट में हुए बदलाव के बाद जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के विभागों में बड़ा बदलाव हुआ है. अब इसे लेकर भाजपा की ओर से नितिन नवीन ने बड़ा बयान दिया है.

Santosh Suman &  Nitin Naveen
Santosh Suman & Nitin Naveen- फोटो : news4nation

Bihar cabinet : बिहार में सात नए मंत्रियों के शपथ और गुरुवार को हुए विभागों के बंटवारे के बीच कई पुराने मंत्री जिनका दो या उससे अधिक विभाग थे उसमें बड़ा बदलाव किया गया है. इसमें उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, हम के संतोष सुमन आदि शामिल रहे. अटकलें हैं कि इन नेताओं का 'कद' कम होने से भीतरखाने नाराजगी है. हालांकि इन अटकलबाजियों के बीच पथ निर्माण विभाग का जिम्मा मिलने वाले नितिन नवीन ने बड़ा बयान दिया. उनके पास भी पहले दो विभाग थे लेकिन दोनों विभाग उनसे लेकर अब पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया गया है जो अब तक विजय सिन्हा के पास था 


नितिन नवीन ने कहा कि विजय सिन्हा हों या संतोष सुमन या अन्य मंत्री किसी के नाराज होने या उनका कद कम होने की बातें कहना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि चुकी अब 36 मंत्री बन गए हैं तो ऐसे में विभागों का बंटवारा सबके बीच होना है. इसलिए जिनके पास एक से अधिक विभाग था उनका विभाग कम किया गया. हालाँकि इसके बाद भी विजय सिन्हा के पास दो सबसे बड़े विभाग हैं जिसमें कृषि और खान शामिल है. उन्होंने कहा कि इसी तरह उनके पास भी पहले दो विभाग था अब एक विभाग है. 


संतोष सुमन पर बड़ी टिप्पणी 

नितिन नवीन ने कहा कि संतोष सुमन के विभाग भी कम किए गए हैं तो इसमें कुछ भी हैरानी नहीं है. मंत्री बनने के लिए विधायकों की संख्या के अनुपात में कोटा होता है. संतोष सुमन के पिता जीतन राम मांझी भी केंद्र सरकार में मंत्री हैं जबकि वे अपनी पार्टी के एकलौते सांसद हैं. इसलिए संतोष सुमन के विभाग कम करने से कोई दिक्कत नहीं है. 


राजद को नसीहत 

राजद पर बरसते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वे लोग सिर्फ परिवार तक सीमित हैं. वहां लालू परिवार के लोगों को भी सारी जिम्मेदारी मिलती है. पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी या रामचन्द्र पूर्वे जैसे नेता को नहीं बनाया जाता है. लालू परिवार से बाहर का सदस्य अध्यक्ष नहीं होता. ऐसे में भाजपा या एनडीए पर राजद टिप्पणी का कोई मतलब नहीं है. 

अभिजीत की रिपोर्ट

Editor's Picks