नीतीश सरकार नहीं बनाएगी धर्मांतरण कानून, विधान सभा में भड़के भाजपा के कई विधायक, स्पीकर का बड़ा निर्देश
बीरेंद्र कुमार समेत 12 विधायकों ने धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ कड़ा क़ानून बनाने की मांग की. इस पर प्रभारी गृह मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया राज्य में धर्म परिवर्तन रोकने संबंधी कोई कानून विचाराधीन नहीं है.
Bihar Vidhan Sabha : बिहार में धर्मांतरण रोकने के लिए कोई कानून लाने का प्रस्ताव नीतीश सरकार नहीं रखती है. बिहार विधान सभा में शुक्रवार को यह घोषणा राज्य सरकार के मंत्री द्वारा की गई जिसमें बाद सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला. दरअसल, भाजपा के रोसड़ा के विधायक बीरेंद्र कुमार ने बिहार में बड़े स्तर पर हो रहे धर्मांतरण के मुद्दे को उठाया. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सहित देश के 11 राज्यों में धर्मांतरण कानून लागू हुआ है. बिहार में इसाई और मुस्लिम धर्म के भ्रामक जाल में फंसकर बड़ी संख्या में लोग धर्मांतरण का शिकार हो रहे हैं.
इसी को लेकर बीरेंद्र कुमार समेत 12 विधायकों ने धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ कड़ा क़ानून बनाने की मांग की. इस पर प्रभारी गृह मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया राज्य में धर्म परिवर्तन रोकने संबंधी कोई कानून विचाराधीन नहीं है. उनके इस जवाब से सत्ता पक्ष के ही ज्यादातर विधायकों ने आपत्ति जताई.
दरअसल, बीरेंद्र कुमार ने दावा किया कि बिहार में मुसलमानों और ईसाई की जनसंख्या में असामान्य वृद्धि हुई है. बिहार में 5000 से अधिक चर्च की स्थापना हो चुकी है. ईसाईयों को राष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ रेट 15.52 प्रतिशत है, वही बिहार में 143.23 फीसदी है. इसी प्रकार मुस्लिम आबादी में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. इसका एक कारण लव जिहाद जैसा मामला भी है. विधायक संजय कुमार ने भी मंत्री के जवाब पर असंतुष्टि जाहिर की.
वहीं जाले विधायक जीवेश मिश्रा ने संविधान हमें धर्म बदलने की इजाजत नहीं देता. हमें जाति बदलने की इजाजत नहीं है. लेकिन आज बिहार में धर्मांतरण एक गंभीर मामला बन गया है. उन्होंने एक नाबालिग लड़की के किसी प्रौढ़ मुस्लिम के साथ लव जिहाद में भाग जाने के मामले को भी सदन में रखा. साथ ही लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानून लाने की बात कही. हिसुआ विधायक अनिल कुमार ने ईसाइयों की बढती आबादी को चिंताजनक बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कानून लाने की मांग की. सदस्यों के इस ध्यानाकर्षण पर स्पीकर ने मामले की समीक्षा करने को कहा.