सबेरे सबेरे नीतीश सरकार का बड़ा एलान, अब बुज़ुर्गों को नहीं काटने होंगे अस्पताल के चक्कर, घर बैठे मिलेगी इलाज के साथ ये सुविधा

सुबह सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये सीएम ने एलान किया कि अब राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे इलाज की सहूलियत मिलने जा रही है।...

सबेरे सबेरे नीतीश सरकार का बुज़ुर्गों के लिए बड़ा एलान- फोटो : X

Nitish announcement for the elderly: बिहार की सियासत में एक बार फिर इंसानियत, रहम और जिम्मेदारी की ज़बान सुनाई दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ पैग़ाम दिया है कि हुकूमत का मक़सद सिर्फ़ सत्ता नहीं, बल्कि हर नागरिक ख़ासकर बुज़ुर्गों की ज़िंदगी को आसान और इज़्ज़तदार बनाना है। शनिवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये सीएम ने एलान किया कि अब राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे इलाज की सहूलियत मिलने जा रही है।

अब उम्रदराज़ लोगों को छोटी-बड़ी बीमारी के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर और ईसीजी जैसी ज़रूरी मेडिकल सेवाएं सीधे उनके घर तक पहुंचेंगी। इमरजेंसी की हालत में डॉक्टर घर पर इलाज करेंगे और नर्सिंग सहायता भी उपलब्ध होगी। यह फैसला सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ के उद्देश्य को ज़मीन पर उतारने की कड़ी है।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 24 नवंबर 2005 से जब से बिहार में उनकी सरकार बनी, तब से “न्याय के साथ विकास” के उसूल पर चलते हुए समाज के हर तबके के उत्थान के लिए काम किया गया है। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को उन्होंने सिर्फ़ एक राज्य नहीं, बल्कि अपना परिवार माना है जहां हर सदस्य का मान, मर्यादा और हक़ सबसे ऊपर है।

सरकार ने वर्ष 2025 से 2030 तक बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने का संकल्प लिया है। इसी विज़न के तहत सात निश्चय-3 लागू किया गया है, जिसका मक़सद लोगों की रोज़मर्रा की मुश्किलों को कम करना और ज़िंदगी को सहूलियतों से भरना है।

बुज़ुर्गों के लिए प्रस्तावित सेवाओं में नर्सिंग सहायता, घर पर पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर व ईसीजी जांच, फिजियोथेरेपी और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी गई है कि इस योजना को तेजी और ईमानदारी से अमल में लाया जाए।

सरकार ने यह भी कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और आसान बनाने के लिए नए सुझावों का स्वागत है। साफ है यह सिर्फ़ योजना नहीं, बल्कि बुज़ुर्गों के सम्मान और सुकून की सियासी गारंटी है, जहां हुकूमत सेवा को इबादत मानकर आगे बढ़ रही है।