सम्राट सरकार में लटकी नीतीश की छात्र-युवा योजनाएं! KYP बंद होने की कगार पर, 8 महीने से बेरोजगारी भत्ता अटका, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में नहीं मिलेगा 4 लाख
नीतीश के 7 निश्चय में पहला निश्चय "आर्थिक हल, युवाओं को बल" था जिसके तहत KYP, बेरोजगारी भत्ता और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना थी लेकिन तीनों की योजना सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब अधर में लटकी हुई है जिससे लाखों छात्र परेशान हैं
Bihar News : बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की युवाओं और छात्रों से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को शिक्षित, रोजगार योग्य और कौशलयुक्त बनाना था, लेकिन अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार समस्याएं सामने आने का दावा किया जा रहा है।
नीतीश कुमार ने वर्ष 2015 में महागठबंधन सरकार बनने के बाद 'सात निश्चय' कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके पहले निश्चय 'आर्थिक हल, युवाओं को बल' के तहत युवाओं के लिए तीन प्रमुख योजनाएं शुरू की गई थीं। इनमें कुशल युवा कार्यक्रम (KYP), मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शामिल हैं।
KYP पर संकट, संचालकों का प्रदर्शन
कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) का उद्देश्य बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना था। लेकिन अब इसके संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। KYP संचालकों की ओर से अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को पटना प्रदर्शन भी किया गया। इससे योजना के भविष्य और राज्य के युवाओं को मिल रहे कौशल प्रशिक्षण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि KYP केंद्रों का संचालन प्रभावित होता है तो इसका सीधा असर उन युवाओं पर पड़ सकता है, जो रोजगार के लिए जरूरी कंप्यूटर, संचार और अन्य कौशल का प्रशिक्षण इन केंद्रों के माध्यम से हासिल कर रहे हैं।
8 महीने से बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने का दावा !
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को अधिकतम 24 महीने तक हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आर्थिक सहारा देना था। लेकिन अब योजना के लाभार्थियों को भुगतान में देरी की शिकायत सामने आ रही है। दावा है कि पिछले करीब आठ महीनों से बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में उन युवाओं के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है, जिनके लिए यह राशि नौकरी की तलाश के दौरान महत्वपूर्ण सहारा थी।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में भी बदलाव
युवाओं और छात्रों के लिए नीतीश सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना भी शामिल है। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण के रूप में 4 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। अब इस योजना में मिलने वाली अधिकतम राशि को 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा योजना के तहत स्वीकृत राशि का भुगतान भी समय पर नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसका असर उन छात्रों पर पड़ सकता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर निर्भर हैं।
युवाओं के लिए दो नए विभाग, फिर भी रफ्तार सुस्त
खास बात यह है कि राज्य सरकार ने युवाओं और उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग जैसे नए विभागों का गठन किया है। इन विभागों के गठन से उम्मीद थी कि उच्च शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा। लेकिन दूसरी ओर पुरानी योजनाओं में भुगतान, संचालन और वित्तीय सहायता को लेकर शिकायतें सामने आने से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नीतीश के 'युवा एजेंडे' पर नई सरकार में चुनौती
नीतीश कुमार की सरकारों में 'आर्थिक हल, युवाओं को बल' को बिहार के युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर पेश किया जाता रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार नीतीश कुमार के दौर की इन युवा-केंद्रित योजनाओं को आगे बढ़ाएगी, उनमें सुधार करेगी या इनके स्वरूप में बड़ा बदलाव करेगी? बिहार के लाखों छात्र और युवा इन योजनाओं के भविष्य पर नजर बनाए हुए हैं।