Bihar News : अब घर बैठे कर सकेंगे संजय गांधी जैविक उद्यान की सैर, विश्व गौरैया दिवस पर लॉन्च होगा खास ऐप

Bihar News : विश्व गौरैया दिवस के मौके पर ख़ास एप का लांचिंग किया जायेगा. जिसके माध्यम से घर बैठे संजय गाँधी जैविक उद्यान की सैर किया जा सकेगा......पढ़िए आगे

घर बैठे पटना जू की सैर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार की राजधानी स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रहा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग शुक्रवार को 'विश्व गौरैया दिवस' के अवसर पर चिड़ियाघर की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च करने के लिए तैयार है। इस नई पहल के माध्यम से पेड़-पौधों और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोग अब घर बैठे ही अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए चिड़ियाघर से जुड़ी तमाम नवीनतम जानकारियां और गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।

संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक हेमंत पाटिल ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के रूप में पटना जू में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इसी क्रम में इस वर्ष विभाग ने डिजिटल विस्तार का निर्णय लिया है। इस ऐप और वेबसाइट के विमोचन का मुख्य उद्देश्य आम जनता, विशेषकर बच्चों और शोधकर्ताओं को जानवरों की आदतों, उनके संरक्षण और उद्यान की जैव विविधता से रूबरू कराना है।

विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। उद्यान प्रशासन द्वारा बच्चों के बीच 'प्री-घोंसला' (Pre-Nest) का वितरण किया जाएगा। निदेशक पाटिल के अनुसार, इसका उद्देश्य बच्चों को अपने घरों में नन्हे पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस छोटी सी पहल से लुप्त हो रही गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों के संरक्षण में नई पीढ़ी की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी।

इस उत्सव की तैयारियां पिछले कई दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं। जू प्रशासन द्वारा 12 मार्च से ही विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों में पेंटिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा था। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। इन कार्यक्रमों के विजेताओं को भी गौरैया दिवस के मुख्य समारोह में सम्मानित किए जाने की योजना है।

मुख्य समारोह का आयोजन शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे पटना जू के अत्याधुनिक 3D थियेटर में किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ऐप और वेबसाइट की लॉन्चिंग के साथ-साथ विशेषज्ञों द्वारा गौरैया पक्षी की विशेषताओं और उनके पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। यह डिजिटल कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि पटना जू की वैश्विक पहचान को भी एक नया आयाम प्रदान करेगा।